Gupta Brothers: यूपी के बहुचर्चित गुप्ता ब्रदर्स UAE में गिरफ्तार, पूर्व राष्ट्रपति जुमा के थे करीबी

दक्षिण अफ्रीका से फरार सहारनपुर वाले गुप्ता ब्रदर्स (Gupta Brothers) को सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात ( UAE ) में गिरफ्तार कर लिया गया है। अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा (Jacob Zuma) के शासन काल में राजेश गुप्ता और अतुल गुप्ता पर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है। उनको इंटरपोल की मदद से पकड़ा गया है। दक्षिण अफ्रीका ने खुद इसकी जानकारी दी है।

कौन हैं बहुचर्चित Gupta Brothers

मूल रूप से भारत(India) के यूपी(Uttar Pradesh) के सहारनपुर(Saharanpur) के रहने वाले राजेश गुप्ता ,अजय गुप्ता और अतुल गुप्ता परिवार ने 1990 के दशक की शुरुआत में जूते की दुकान खोलकर दक्षिण अफ्रीका(South Africa) में प्रवेश किया था.

उन्होंने जल्द ही आईटी(IT), मीडिया(Media) और खनन(mining) कंपनियों को शामिल करने के लिए विस्तार किया, जिनमें से अधिकांश अब बिक चुके हैं या बंद हो गए हैं. बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) भी इस घोटाले में शामिल हो गया, जब यह सामने आया कि उन्होंने गुप्तों के लिए खाता खोलकर उनकी सहायता की थी जब सभी दक्षिण अफ्रीकी(South Africa) बैंकों ने परिवार के साथ लेन-देन बंद कर दिया था.

बता दें की, गुप्ता ब्रदर्स(Gupta Brothers) दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा(Jacob Zuma) के मित्र हैं. गुप्ता ब्रदर्स(Gupta Brothers) पर आरोप है कि उन्होंने आर्थिक लाभ के लिए जैकब ज़ुमा(Jacob Zuma) के साथ संबंधों के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित किया.

एक समय गुप्ता परिवार का जैबक जुमा (Jacob Zuma) के साथ इतना करीबी रिश्ता हो गया कि उन दोनों के लिए एक संयुक्त शब्द भी बना दिया गया जिसे जुप्टा (Zuptas) कहा गया. जूमा की पत्नियों में से एक, साथ ही एक बेटा और बेटी, गुप्ता-नियंत्रित कंपनियों के लिए अहम भूमिकाओं में काम कर रहे थे.

हालांकि दोनों इस बात से इनकार करते हैं. मंत्रालय ने कहा कि, UAE की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ दक्षिण अफ्रीका बातचीत कर रहा है. दक्षिण अफ्रीका के अधिकारी हर तरह का सहयोग कर रहे हैं.

पिछले साल जारी किया गया था रेड नोटिस

पिछले साल जुलाई में गुप्ता ब्रदर्स(Gupta Brothers) के खिलाफ इंटरपोल ने रेड नोटिस (Red Notice) जारी किया था. लगभग एक साल बाद ये गिरफ्तारी हुई है.

रेड नोटिस (Red Notice) एक वैश्विक अलर्ट है जो किसी भी भागे हुए व्यक्ति को गिरफ्तार करने, हिरासत में लेने या सजा देने के लिए जारी किया जाता है. जैकब ज़ुमा(Jacob Zuma) के 9 साल के कार्यकाल पूरी तरह घोटालों से भरा बताया जाता है. गुप्ता ब्रदर्स(Gupta Brothers) के खिलाफ 2018 में जांच शुरू की गई थी.

उनके खिलाफ ये आरोप भी लगे हैं कि उन्होंने अपने करीबी व्यापारी भाई अतुल गुप्ता(Atul Gupta), अजय(Ajay Gupta) और राजेश गुप्ता(Rajesh Gupta) को नीति प्रभावित करने और सरकारी संसाधनों को लूटने की अनुमति दी.

हालांकि, अभी ये साफ नहीं हो सका है कि तीसरे भाई अजय(Ajay Gupta) को क्यों नहीं गिफ्तार किया गया. अधिकारियों का कहना है कि 2018 में गुप्ता ब्रदर्स(Gupta Brothers) ने अरबों रुपए लूट कर दुबई(Dubai) भाग गए. दक्षिण अफ्रीका(South Africa) गुप्ता ब्रदर्स की गिरफ्तारी के लिए UN तक गया था, क्योंकि UAE के साथ उसकी कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं थी.

 

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