Congress छोड़ने के बाद Ghulam Nabi Azad ने बनाई अपनी 'डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी'

Ghulam Nabi Azad: कांग्रेस (Congress) छोड़ने के बाद गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) अपनी नई पार्टी के नाम की घोषणा कर दी है. गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) के कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के ठीक एक महीने बाद उन्होंने नई पार्टी का एलान किया है. गुलाम नबी आज़ाद ने “भारत माता की जय” के नारों के बीच आज अपनी नई पार्टी “डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी” के नाम की घोषणा की है.

जम्मू-कश्मीर के चुनाव से पहले आज़ाद ने बनाई अपनी पार्टी

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने एक संवाददाता सम्मेलन में नई पार्टी के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि यह संगठन धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और किसी भी प्रभाव से स्वतंत्र होगा.

गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी के झंडे का भी अनावरण किया. ध्वज के तीन रंग हैं सरसों, सफेद और नीला. कल आजाद ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक की है.

इससे पहले आजाद ने कांग्रेस छोड़ने के बाद जम्मू में अपनी पहली जनसभा में अपने स्वयं के राजनीतिक संगठन (Political Party) को शुरू करने की घोषणा की थी. जनसभा के दौरान उन्होंने कहा था की, जम्मू-कश्मीर के लोग पार्टी का नाम और झंडा तय करेंगे. जनसभा में उन्होंने कहा था की,

“मैंने अभी तक अपनी पार्टी के लिए एक नाम तय नहीं किया है. जम्मू-कश्मीर के लोग पार्टी का नाम और झंडा तय करेंगे. मैं एक हिंदुस्तानी दूंगा. मेरी पार्टी का नाम है जिसे हर कोई समझ सकता है.”

आज़ाद ने Congress पर साधा निशाना

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग हमें (मुझे और मेरे समर्थकों को जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है) बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उनकी पहुंच कंप्यूटर ट्वीट तक सीमित है. गुलाम नबी आजाद ने जम्मू के सैनिक कॉलोनी में अपनी पहली जनसभा के अपने अधिकारिक बयान में कहा की,

‘कांग्रेस हमारे खून से बनी है. कंप्यूटर से नहीं, ट्विटर से नहीं. लोग हमें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उनकी पहुंच कंप्यूटर और ट्वीट तक सीमित है. इसलिए कांग्रेस जमीन पर कहीं नजर नहीं आती.”

जानकारी के लिए बता दें की, गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) 2005 से 2008 तक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे हैं. सोनिया गांधी को लिखे अपने त्याग पत्र में उन्होंने पिछले लगभग नौ वर्षों में पार्टी को चलाने के तरीके को लेकर पार्टी नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी पर निशाना साधा था.

सोनिया गांधी सिर्फ नाममात्र पार्टी अध्यक्ष हैं

पांच पन्नों के पत्र में  गुलाम नबी आजाद ने दावा किया था कि एक मंडली पार्टी चलाती है. जबकि सोनिया गांधी सिर्फ नाममात्र पार्टी अध्यक्ष है और सभी बड़े फैसले राहुल गांधी या बल्कि उनके सुरक्षा गार्ड और पीए द्वारा लिए जाते थे. वह पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे. कांग्रेस के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पार्टी की स्थिति कोई वापसी नहीं के स्थिति पर पहुंच गई है.

बता दें की, गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गाँधी पर तंज कसा था. इसके साथ ही उन्होंने राहुल गाँधी को गैर-गंभीर व्यक्ति कहा था. जानकारों का मानना है की गुलाम नबी आजाद की अपनी पार्टी बनने के बाद जम्मू-कश्मीर की सियासत पर बड़ा असर पड़ेगा.

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