Gambia cough syrup deaths: भारत ने शुरू की जांच, WHO की अधिकारिक रिपोर्ट का है इंतज़ार

Gambia cough syrup deaths: पश्चिम अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत ने भारत के 42 बिलियन डॉलर के ड्रगमेकिंग उद्योग पर एक बड़ा प्रभाव डाला है. डब्ल्यूएचओ (WHO) ने एक अलर्ट जारी कर कहा है कि एक भारतीय फर्म द्वारा निर्मित कफ सिरप संभावित रूप से गाम्बिया (Gambia cough syrup deaths) में बच्चों की मौत से जुड़ा हो सकता है. PTI ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि अब, भारत के ड्रग रेगुलेटर द्वारा दवा और मौतों के बीच किसी भी संबंध का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है.

भारत के लिए है ये चिंता का विषय

इकॉनोमिक टाइम्स से मिली खबर के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ ने बुधवार (5 अक्टूबर) को चार भारतीय कफ सिरप कंपनियों के खिलाफ चेतावनी दी थी. ऐसा बताया जा रहा है की, पश्चिम अफ्रीकी देश गाम्बिया (Gambia cough syrup deaths) में 66 बच्चों की मौत भारत में निर्मित कफ सिरप से हुई है. भारत अमेरिकी फार्मेसियों और विश्व स्तर पर सैकड़ों देशों में बेची जाने वाली कई सस्ती, जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है.

वैसे WHO ने अभी तक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organization) के साथ अभी कोई जानकारी शेयर नहीं की है. डब्ल्यूएचओ (WHO) ने चेतावनी दी कि हरियाणा के सोनीपत स्थित मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड द्वारा कथित तौर पर उत्पादित चार दूषित और घटिया कफ सिरप की वजह से पश्चिम अफ्रीकी राष्ट्र में 66 बच्चों की मौतें हुईं हैं.

सूत्रों ने कहा कि “मौत का कारण न तो संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा साझा किया गया है और न ही केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation) के साथ लेबल और उत्पादों का विवरण साझा किया गया है.”

अधिकारीयों के साथ हुई बैठक

कई अधिकारिक रिपोर्ट्स में ऐसा कहा गया है की, “उपलब्ध जानकारी के आधार पर, सीडीएससीओ (Central Drugs Standard Control Organisation) ने पहले ही हरियाणा में अधिकारियों के साथ मामले की तत्काल जांच शुरू कर दी है.”

बता दें की, 29 सितंबर को WHO ने भारत के औषधि महानियंत्रक (Drugs Controller General of India) को गाम्बिया में हुई मौतों के बारे में सूचित किया था. डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार, मेडेन कफ सिरप (Maiden cough syrup) के एक प्रयोगशाला विश्लेषक ने डायथिलीन ग्लाइकॉल (diethylene glycol) और एथिलीन ग्लाइकॉल (ethylene glycol) की मात्रा को सिरप में ज्यादा बताया है. इन दो सलूशन के सिरप (Syrup) में ज्यादा होने से बच्चों के गुर्दों को नुकसान पहुंचा है और उनकी मौत हो गई है.

सिरप में मौजूद सलूशन हैं खतरनाक

NDTV में छपी खबर के अनुसार, सिरप में जो सलूशन पाए गए हैं  वो इंसान के लिए जहरीले होते हैं. इन सलूशन वाली दवाओं के सेवन से “पेट में दर्द, उल्टी, दस्त, पेशाब करने में असमर्थता, सिरदर्द, परिवर्तित मानसिक स्थिति और तीव्र गुर्दे में दर्द उठना जिससे मृत्यु हो सकती है.”

मेडेन फार्मास्युटिकल्स का कहना है कि उसकी वेबसाइट पर उसके दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं. ये प्लांट कुंडली और पानीपत और दोनों हरियाणा राज्य में नई दिल्ली के पास में स्थित हैं. हाल ही में एक और स्थापित किया है. यह 30 से अधिक वर्षों से चिकित्सा उत्पादों का निर्माण और आपूर्ति कर रहे है.

और इसकी वेबसाइट के अनुसार अफ्रीका, एशिया, पूर्वी यूरोप, मध्य पूर्व और रूस के कई देशों में मौजूद है. और सबसे बड़ी यह है की इसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा अक्सर की जाती है.

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