सऊदी क्राउन MBS की मेजबानी करने पर फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron को करना पड़ा आलोचना का सामना

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) को गुरुवार को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मेजबानी की. सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मेजबानी करना राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron को महंगा पड़ गया. बता दें की, इमैनुएल मैक्रों को विपक्षी हस्तियों और मानवाधिकार समूहों की निशाने पर आ गये है .

Emmanuel Macron ने गर्मजोशी से किया स्वागत

WION की खबर के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का गर्मजोशी से स्वागत किया है. बता दें की, मैक्रोन ने रात के खाने से पहले सऊदी क्राउन प्रिंस का गर्मजोशी से स्वागत किया. जिसे MBS के नाम से भी जाना जाता है.

बता दें की, यूक्रेन में युद्ध के बीच, इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) की सऊदी के साथ बैठक प्रमुख तेल उत्पादक राज्य को अदालत में लाने के लिए पश्चिमी प्रयासों में वृद्धि का एक हिस्सा है. चीन, रूस और ईरान के बढ़ते क्षेत्रीय प्रभाव का मुकाबला करने के लिए, पश्चिम खाड़ी अरब तेल की दिग्गज कंपनी के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करने का इच्छुक है.

मॉस्को द्वारा यूरोप, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों को गैस की आपूर्ति में कटौती के बाद ऊर्जा के अपने स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं. मैक्रोन ने क्राउन प्रिंस को शामिल करने के अपने प्रयासों की आलोचना को खारिज कर दिया है.

एग्नेस कैलामार्ड ने ट्वीट करके यह कहा

एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव एग्नेस कैलामार्ड (Amnesty International Secretary General Agnes Callamard) ने सलमान से मुलाकात के लिए इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) की आलोचना करते हुए ट्विटर पर कहा है की,

“हत्यारे राजकुमार के पुनर्वास को फ्रांस में वास्तविक राजनीति के तर्कों से संयुक्त राज्य अमेरिका में उचित ठहराया जाएगा. लेकिन यह वास्तव में सौदेबाजी है जो प्रमुख है, आइए इसका सामना करें.”

मैक्रों से रियाद को हथियारों की बिक्री की समीक्षा करने के लिए कहते हुए, फ्रांसीसी विपक्षी नेताओं ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अभियोजक यमन युद्ध (Yemen War) में सऊदी भूमिका को लेकर राजकुमार के खिलाफ दायर शिकायतों का अध्ययन कर रहे हैं.

बता दें की, 2018 में प्रमुख सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के बाद, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने दावा किया कि उनकी मौत में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान शामिल थे.

अमेरिकी राष्ट्रपति भी सलमान से गर्म जोशी के साथ मिले

बीबीसी में छपी खबर के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन भी सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बड़ी ही गर्मजोशी के साथ मिल चुके हैं. ऐसा लग रहा था की, अमेरिका और सऊदी अरब का रिश्ता दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश शुरू हो चुके है.

अमेरिका ने उनके ऊपर जो आरोप लगाए थे उसके बाद से दोनों ही देशों के बीच थोड़ी खट्टास आ गई थी. लेकिन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हमेशा ही पत्रकार जमाल खाशोज्जी की मौत में शामिल होने से इंकार किया है.

हालाँकि, संयुक्त राष्ट्र की एक जांच ने सऊदी अरब को ही इस हत्या के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था. अब देखने वाली बात ये है की आगे भविष्य में अमेरिका और सऊदी अरब के रिश्ते कैसे रहते हैं. ऐसा माना जा रहा है की शायद आने वाले समय दोनों देशो के रिश्ते में थोड़ी मिठास आ जाये .

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