September 25, 2022
पाकिस्तान के Forex Reserves भंडार में आई 2 अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट

पाकिस्तान के Forex Reserves भंडार में आई 2 अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट

Spread the love

Forex Reserves: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बिलकुल डूबने के कगार पर है. पाकिस्तान की हालत दिन पर दिन बिगड़ती नज़र आया रही है. नकदी संकट का सामने कर रहे पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार बड़ी गिरावट के साथ 7.83 अरब डॉलर पर आ गया है.

डूब रही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, देश के केंद्रीय बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, नकदी की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) गिरकर 7.83 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है. जो इस महीने बढ़े हुए कर्ज भुगतान और बाहरी वित्तपोषण की कमी के कारण 2019 के बाद से सबसे कम है.

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी), जो देश का केंद्रीय बैंक है. उसके  द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में कहा गया है कि देश के विदेशी भंडार (Forex Reserves) में साप्ताहिक आधार पर 555 मिलियन अमरीकी डालर या 6.6 प्रतिशत की गिरावट आई है.

मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक के आंकड़ों से पता चला है कि उसका विदेशी मुद्रा भंडार लगभग तीन वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया था और 7.83 बिलियन अमरीकी डालर था. डेटा रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अक्टूबर, 2019 के बाद का सबसे निचला स्तर है.

अगस्त के पहले सप्ताह में था इतना विदेशी मुद्रा भंडार

अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 5 अगस्त को एक सप्ताह पहले विदेशी मुद्रा भंडार 8.385 बिलियन अमरीकी डालर था. आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि पाकिस्तान का कुल तरल विदेशी भंडार 648 मिलियन अमरीकी डालर या 4.6 प्रतिशत गिरकर 13.561 अरब अमरीकी डालर और वाणिज्यिक बैंकों का 1.6 प्रतिशत गिरकर 5.730 अमरीकी डालर हो गया है.

वित्तीय विश्लेषकों का कहना है कि स्टेट बैंक के पास मौजूदा उपलब्ध विदेशी मुद्रा भंडार एक महीने के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है. एसबीपी ने एक बयान में कहा कि रिवर्स में कमी बाहरी ऋण भुगतान के कारण हुई थी.

केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस महीने के अगले तीन हफ्तों के दौरान ऋण चुकौती मध्यम होने की उम्मीद है. वास्तव में, अगस्त के महीने के लिए लगभग तीन-चौथाई ऋण भुगतान पहले सप्ताह के दौरान केंद्रित था.

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता, विदेशी भंडार में कमी, आईएमएफ के ऋण संवितरण में देरी और रुपये के अवमूल्यन का नकदी-संकट वाले देश की अर्थव्यवस्था पर एक कठिन प्रभाव पड़ा है. जिसने वैश्विक ऋणदाता से आपातकालीन आधार पर वित्तीय सहायता मांगी है.

विश्लेषकों ने जताई चिंता

विश्लेषकों का मानना ​​​​है कि विदेशी मुद्रा भंडार में मौजूदा गिरावट इसलिए है. क्योंकि देश 6 बिलियन डॉलर के अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष कार्यक्रम के रुके हुए भंडार के तेजी से घटने के साथ बाहरी वित्त पोषण भी सूखे में है.

एक विश्लेषक का कहना है की, “एक बार आईएमएफ कार्यक्रम और घटते आयात के बीच अपेक्षित कम चालू खाता घाटा घटते विदेशी भंडार को बढ़ाने में मदद करता है.” टॉपलाइन सिक्योरिटीज के इंतिखाब अली ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के साथ खुले बाजार में पाकिस्तानी मुद्रा की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है.

जो शुक्रवार को 215 रुपये तक गिर गया है. जो दर्शाता है कि विदेशी भंडार की स्थिति में जल्द ही सुधार होगा. आगे उन्होंने कहा की, कई आयातों पर प्रतिबंध से पाकिस्तानी रुपये को डॉलर के 250 रुपये की सीमा को पार करने से रोकने में भी काफी मदद मिली है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.