Pakistan के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कर रहे Food Crisis का सामना

Pakistan: बाढ़ और बारिश ने बीते कई दिनों से पाकिस्तान में अपना कहर बरपा रखा है. बाढ़ और बारिश की वजह से पाकिस्तान (Pakistan) की आधी जनता भुखमरी का सामना कर रही है. स्थाई जनता सरकार के खिलाफ हो गई है. सरकार की नीतियों से जनता नहीं हो रही है संतुष्ट. बाढ़ की वजह से पाकिस्तान (Pakistan) में फ़ूड क्राइसिस हो गया है. हालाँकि, कुछ वक़्त पहले पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने यह आश्वासन दिया था की वो मुल्क की हर संभव मदद करेंगे.

Pakistan के ऊपर गिरी एक और गाज

पाकिस्तान (Pakistan) की मुसीबते लगातार बढ़ती जा रही हैं. पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ ने देश को कगार पर धकेल दिया है. ये बाढ़ COVID-19 महामारी, बढ़ती मुद्रास्फीति और देश में 60 से अधिक वर्षों में सबसे गंभीर हीटवेव को झेल रही है.

Pakistan के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कर रहे फ़ूड क्राइसिस का सामना
Pakistan के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कर रहे फ़ूड क्राइसिस का सामना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने जब सितंबर में जब पाकिस्तान का दौरा किया था तब उन्होंने कहा था कि, “इस तरह के पैमाने पर जलवायु नरसंहार कभी नहीं देखा है.” उन्होंने ने आगे कहा था की, “लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि यह तो अभी शुरुआत है. बाढ़ से पैदा हुआ एक और बड़ा संकट पाकिस्तान के सामने है. वो है खाद्य असुरक्षा का.”

पाकिस्तान इस वक़्त कुपोषण के उच्चतम स्तर पर है

बता दें की, पाकिस्तान (Pakistan) में पहले से ही दुनिया में कुपोषण के उच्चतम स्तर हैं. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही डामाडोल है. अब पाकिस्तान खाद्य असुरक्षा का भी सामना कर रहा है. हालाँकि, पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में अभी राहत है. लेकिन बताया जा रहा है की फ़ूड क्राइसिस में सबसे ज्यादा कुपोषण की चपेट में आने की संभावना है, खासकर महिलाओं, युवाओं और बच्चों में.

पाकिस्तान द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान (Pakistan) के 81 जिलों में, कुल 78,000 वर्ग किमी कृषि भूमि में बाढ़ आ गई है. सरकार के अनुसार, देश भर में 80 प्रतिशत से अधिक फसलों को नुकसान पहुंचा है. सिंध प्रांत, जो देश के भोजन का एक बड़ा हिस्सा पैदा करता है. वो सबसे बुरी तरह प्रभावित है.

हजारों हेक्टेयर फसलें नष्ट होने पर Food Crisis

पाकिस्तान में चावल, प्याज, टमाटर और अन्य सब्जियों जैसी हजारों हेक्टेयर खड़ी खाद्य फसलें नष्ट हो गई हैं. बाढ़ ने 6,000 किमी से अधिक सड़कों और पुलों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है. जिससे बचे हुए भोजन को लाने जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी (IRC) और उसके सहयोगियों द्वारा सितंबर में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में सर्वे किए गए 70 प्रतिशत से अधिक व्यक्तियों ने भोजन न मिलने का दुःख साझा किया है.

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि बाढ़ से होने वाले आर्थिक नुकसान में 40 अरब डॉलर का भारी नुकसान हुआ है. पाकिस्तान भारी मुद्रास्फीति से जूझ रहा है. जो बाढ़ आने से पहले ही जुलाई में लगभग 25 प्रतिशत के 14 साल के उच्च स्तर पर थी. यह अब हाल और भी ज्यादाबुरा हो गया है. प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य कीमतों में कुछ ही हफ्तों में तीन से पांच गुना वृद्धि हुई है. पाकिस्तान पड़ोसी देशों खासकर अफगानिस्तान और ईरान से सब्जियों का आयात कर रहा है.

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