Belarus के विदेश मंत्री व्लादिमीर मेकी दो दिवसीय दौरे पर आए भारत

Belarus: बेलारूस (Belarus) के विदेश मंत्री व्लादिमीर मेकी भारत की अपनी दो दिवसीय यात्रा के लिए बुधवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुँच चुगे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, बेलारूस (Belarus) के विदेश मंत्री व्लादिमीर मेकी बुधवार शाम को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे. और गुरुवार को बेलारूस के विदेश मंत्री व्लादिमीर मेकी की दिल्ली में एक कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है.

Belarus के विदेश मंत्री के भारत आने का है बड़ा महत्व

रायटर्स से मिली जानकारी के मुताबिक,  बेलारूस (Belarus) के विदेश मंत्री व्लादिमीर मेकी (Vladimir Makei) भारत आ चुगे हैं. उनकी यह यात्रा भारत के महत्वपूर्ण है. बेलारूस (Belarus) और भारत के संबंध बहुत मधुर रहे हैं. भारत 1991 में बेलारूस को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने वाले पहले देशों में से एक था.

1992 में बेलारूस के मिन्स्क में भारतीय राजनयिक मिशन (Indian diplomatic mission) की शुरुवात की गयी थी. इसके साथ ही बता दें की, बेलारूस ने 1998 में नई दिल्ली में अपने मिशन की शुरुवात की थी. दोनों देशों के बीच सहयोग संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) जैसे कई बहुपक्षीय सुरक्षा संबंध हैं.

Belarus के विदेश मंत्री व्लादिमीर मेकी दो दिवसीय दौरे पर आए भारत
Belarus के विदेश मंत्री व्लादिमीर मेकी दो दिवसीय दौरे पर आए भारत

Belarus ने हमेशा किया है भारत का सहयोग

बेलारूस उन देशों में से एक है जिसके समर्थन ने जुलाई 2020 में UNSC में अस्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी को मजबूत करने में मदद की थी. भारत ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) में बेलारूस की सदस्यता और आईपीयू (Inter-Parliamentary Union) जैसे अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समर्थन किया है.

दोनों देशों के बीच अच्छी साझेदारी है. दोनों देशों के विचारों को साझा करने के लिए विदेश कार्यालय परामर्श (Foreign Office Consultations), अंतर सरकारी आयोग (Intergovernmental Commission), स्थापित किया गया है. दोनों देशों ने व्यापार और आर्थिक सहयोग, संस्कृति, शिक्षा, मीडिया और खेल, पर्यटन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कृषि, कपड़ा के ट्रेड को लेकर कई एग्रीमेंट साइन किए हैं. रक्षा और तकनीकी सहयोग के लिए दोनों देश एक दूसरे के साथ खड़े हैं.

दोनों देश साझा करते हैं ऐसा करोबारी संबंध

बता दें की, आर्थिक क्षेत्र में 2019 में वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार कारोबार (annual bilateral trade) 569.6 मिलियन अमरीकी डालर हुआ है. भारत ने बेलारूस को बाजार अर्थव्यवस्था (Economy Status) का दर्जा दिया है.

जानकारी के लिए बता दें की, बाजार अर्थव्यवस्था का दर्जा बेंचमार्क के रूप में स्वीकार किए गए सामान का निर्यात करने वाले देश को दिया जाने वाला दर्जा है. इस स्थिति से पहले, देश को गैर-बाजार अर्थव्यवस्था (Non-Market Economy) माना जाता है. बेलारूसी व्यवसायियों को ‘मेक इन इंडिया’ परियोजनाओं में निवेश करने के लिए भारत ने प्रोत्साहित किया है. और अब बेलारूसी व्यवसायियों को इसका बेनिफिट भी मिल रहा है.

इसके साथ ही बता दें की, भारत और रूस के भी रिश्ते काफी अच्छे हैं. भारत इन दिनों रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल खरीद रहा है. हालाँकि, अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाने की बहुत कोशिश की थी. लेकिन उसके बावजूद भी भारत ने रूस से अपना व्यापार जारी रखा हुआ है. हाल ही में,  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की तारीफ की है और उसके नागरिकों को ‘प्रतिभाशाली’ और ‘प्रेरित’ कहा है.

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