September 25, 2022
Fawad Chaudhry: पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री ने पाकिस्तान में मचे राजनितिक उथल-पुथल के लिए सत्ता को ठहराया जिम्मेदार

Fawad Chaudhry: पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री ने पाकिस्तान में मचे राजनितिक उथल-पुथल के लिए सत्ता को ठहराया जिम्मेदार

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पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता फवाद चौधरी (Fawad Chaudhry) ने शनिवार को कहा कि, “देश स्थापना के अनावश्यक साहसिक कार्य के कारण राजनीतिक संकट से जूझ रहा है. जिसकी साफ़ तौर पर ज़िम्मेदार पाकिस्तान की मौजूदा आर्मी (Establishment) है.”

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, चौधरी ने देश के प्रतिष्ठानों से पाकिस्तान के साथ धोका नहीं करने के लिए कहा क्योंकि देश राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के बीच में है.

पाकिस्तान के पूर्व मंत्री ने लगाए ये आरोप

ANI की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता फवाद चौधरी (Fawad Chaudhry) ने पाकिस्तान की मौजूदा आर्मी (Establishment) को कटघरे में खड़ा किया है. फवाद ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए मीडिया से कहा, “चौधरी शुजात का पत्र डिप्टी स्पीकर की जेब में कैसे आ गया. मजारी को अवमानना ​​के लिए अदालत में बुलाया जाना चाहिए.” पाकिस्तान में मुसीबत के हालात बने हुए हैं.

इसके अलावा फवाद ने कहा की, “इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री के फिर से चुनाव के परिणाम के बाद निराशा शांत हो गई जब सुप्रीम कोर्ट ने पीटीआई के पक्ष में अपना फैसला सुनाया. पार्टी ने कहा कि यह निर्णय पंजाब से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन को बाहर कर देगा.” फवाद ने आगे दावा किया कि हमजा शहबाज के नेतृत्व वाली सरकार का गिरना एक सफलता थी.

शनिवार को सुप्रीम कोर्ट की लाहौर रजिस्ट्री के बाहर मीडिया से बात करते हुए, पीटीआई नेता फारुख हबीब ने कहा कि, “पीएमएल-एन राजनीतिक लड़ाई हार गई थी. और पीएमएल-एन के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार को बचाने के लिए कोई विकल्प नहीं बचा था. कोई भी डिप्टी स्पीकर के अवैध और असंवैधानिक फैसले का बचाव करने को तैयार नहीं है.”

फवाद ने शीर्ष अदालत के संक्षिप्त आदेश का किया ज़िक्र

पाकिस्तान की मीडिया के अनुसार, पीटीआई नेता दिन में पहले जारी किए गए शीर्ष अदालत के संक्षिप्त आदेश का जिक्र कर रहे थे. जिसमें शीर्ष अदालत ने पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के फैसले को निलंबित कर दिया था .और हमजा को पूर्ण शक्तियों का प्रयोग करने और सुनवाई फिर से शुरू होने तक केवल ट्रस्टी  मुख्यमंत्री के रूप में भी काम करने से रोक दिया था.

जिस दिन पाकिस्तान में उधल पुथल के एक दिन बाद फैसला आया. हमजा शहबाज को पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में फिर से चुना गया क्योंकि प्रांतीय विधानसभा के उपाध्यक्ष दोस्त मोहम्मद मजारी ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू) के नेता चौधरी परवेज इलाही के वोटों को खारिज कर दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, जैसे ही पंजाब प्रांतीय विधानसभा के महत्वपूर्ण सत्र में मतगणना शुरू हुई.

डिप्टी स्पीकर के दोस्त मोहम्मद मजारी ने फैसला सुनाया कि पार्टी प्रमुख चौधरी शुजात के पत्र के आलोक में पंजाब के मुख्यमंत्री के चुनाव में पीएमएल-क्यू नेता चौधरी परवेज इलाही के वोटों की गिनती नहीं की जाएगी. मजारी के मुताबिक पीटीआई और पीएमएल-क्यू के संयुक्त उम्मीदवार परवेज इलाही को 186 वोट मिले, जबकि हमजा शहबाज को 179 वोट मिले. हालांकि, पीएमएल-क्यू नेता के 10 वोट डिप्टी स्पीकर द्वारा रद्द कर दिए गए, जिससे उनकी वोट संख्या 176 हो गई.

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