Economy: चीन की अर्थव्यवस्था की रफ़्तार पड़ती जा रही धीमी, वैश्विक मंदी के आसार

Economy: कोरोना महामारी (Covid-19) के बाद से चीन की अर्थव्यवस्था (Economy) सबसे धीमी गति से बढ़ रही है. “Dynamic Zero COVID” रणनीति अब चीन (China) पर ही भारी पड़ रही है. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में अप्रैल और जून के बीच साल दर साल केवल 0.4 प्रतिशत का विस्तार हुआ है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में तालाबंदी से औद्योगिक उत्पादन और उपभोक्ता खर्च प्रभावित हुआ है.

धीमी होती जा रही चीनी अर्थव्यवस्था की रफ़्तार

Aljazeera की ख़बर के मुताबिक, 2020 से ही चीन की आर्थिक हालत ठीक नहीं चल रही है. चीन (China) ने जब अपना पहला Covid लॉकडाउन लगाया था तब चीन की अर्थव्यवस्था (Economy) 6.9 प्रतिशत सिकुड़ गई थी. अब ऐसे आसार नज़र आ रहें हैं की वैश्विक मंदी हो सकती है. वैश्विक मंदी का सबसे पहला कारण है रूस-यूक्रेन (Russia-ukraine War) के बीच चल रहा युद्ध.

दूसरा वैश्विक मंदी का सबसे बड़ा कारण है की, बढ़ती ब्याज़ दरें. बता दें की, हांगकांग में यूबीपी में एशिया के वरिष्ठ अर्थशास्त्री कार्लोस कैसानोवा (Carlos Casanova) ने अलजज़ीरा को बताया है की, “डेटा अपेक्षा से कमजोर था, ज्यादातर विश्लेषकों को लगभग 1 प्रतिशत की उम्मीद थी. हम आम सहमति से नीचे थे. क्योंकि हमें उम्मीद थी कि चीन के आवास क्षेत्र में कुल मांग में गिरावट आएगी. जिससे जून में खपत में तेज उछाल की संभावना कम हो जाएगी.”

वरिष्ठ अर्थशास्त्री कार्लोस कैसानोवा (Carlos Casanova) का कहना है की, “2022 में विकास दर 4 प्रतिशत से नीचे रहने की उम्मीद है.” हालाँकि, कमजोर समग्र प्रदर्शन के बावजूद भी औद्योगिक उत्पादन और खुदरा बिक्री दोनों ने पिछली सुस्ती से मजबूती से वापसी की है. बता दें की, शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जून में औद्योगिक उत्पादन एक साल पहले की तुलना में 3.9 प्रतिशत बढ़ा जो मई में 0.7 प्रतिशत था.

अर्थशास्त्रियों के पूर्वानुमान भी गलत साबित हुए

बता दें की, अर्थशास्त्रियों (Economists) के पूर्वानुमानों को को पीछे करते हुए चार महीनों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज करते हुए खुदरा बिक्री 3.1 प्रतिशत बढ़ी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अचल संपत्ति निवेश, जिसमें संपत्ति, भूमि, मशीनरी और उपकरण में निवेश शामिल है. जनवरी-मई में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में वर्ष के पहले छे महीने में 6.1 प्रतिशत बढ़ा है.

राजधानी शंघाई (Shanghai) सहित प्रमुख शहरों को मार्च और अप्रैल में “शून्य COVID” नीति के तहत लॉकडाउन लगा दिया गया था. जिसका मेन उद्देश्य कोरोना वायरस को खत्म करना था. चीन में इसका विरोध भी हुआ था. बता दें की, अधिकारियों ने तब से कई कठोर प्रतिबंधों को हटा लिया है. हाल के हफ्तों में जियान, लान्झोउ, हाइको, मकाऊ और अनहुई प्रांत में लाखों लोगों को प्रभावित करने वाले नए प्रतिबंध लगाए गए हैं.

चीन ने 2022 के लिए लगभग 5.5 प्रतिशत का आर्थिक विकास लक्ष्य निर्धारित किया है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चीन के लिए ये एक बड़ी चुनौती है. बता दें की, एशिया पैसिफिक की मुख्य अर्थशास्त्री एलिसिया गार्सिया-हेरेरो (Alicia García-Herrero) ने कहा है की, “दूसरी तिमाही के आंकड़ों को देखते हुए, यह बहुत संभावना है. कि चीनी सरकार (Chinese Government) को अपने वार्षिक लक्ष्य को कम करने की आवश्यकता है. क्योंकि दूसरी छमाही में 5.5 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए इसे 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की आवश्यकता है.”

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