china में गहराता जा रहा आर्थिक संकट, 2 करोड़ से ज्यादा लोग हुए बेरोजगार

China: चीन की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे डामाडोल होती जा रही है. कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते चीन की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है. देश का बैंकिंग सिस्टम भी पूरी तरह से हिला हुआ है. चीन (China) में धीरे-धीरे बेरोज़गारी बढ़ती जा रही है. चीनी (China) नेता शी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति पर एक प्रीमियम लगाया है. जिसके चलते चीन की आर्थिक रफ़्तार धीमी हो गई है.

China में बढ़ रही बेरोजगारी

चीन (China) की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए, सैन डिएगो में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में वित्त के विशेषज्ञ विक्टर शिह ने कहा, “चीन की अर्थव्यस्था पर भारी प्रभाव पड़ा है.” Dawn की खबर के मुताबिक, चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पिछली तिमाही से जून के अंत तक तीन महीनों में 2.6 प्रतिशत गिर गया है.

china में गहराता जा रहा आर्थिक संकट, 2 करोड़ से ज्यादा लोग हुए बेरोजगार
China में गहराता जा रहा आर्थिक संकट, 2 करोड़ से ज्यादा लोग हुए बेरोजगार

कोविड-19 महामारी के चलते चीन (China) ने जीरो कोविड पाँलिसी का एलान किया था. जिसके बाद से चीन में सब कुछ बर्बादी की कगार पर आ गया है. येल विश्वविद्यालय के कानून के प्रोफेसर ने कहा, “यह एक भयानक गलती है. सरकार को नियमों का पालन भी देख सुन कर कराना चाहिए.”

वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी के आसार भी विश्व बैंक ने बताए थे. हाल तो यह हो गया है की, चीन में अब शहरों और कस्बों में लगभग 21 मिलियन यानी 2 करोड़ 10 लाख बेरोजगार युवा हैं. आधिकारिक आंकड़ों में ग्रामीण बेरोजगारी को शामिल नहीं किया गया है.

China में प्रॉपर्टी मार्केट में भी संकट गहरा रहा है

चीन (China) में प्रॉपर्टी संकट के चलते अब पूरी अर्थव्यवस्था परेशान होती नजर आ रही है. जानकारों के मुताबिक प्रॉपर्टी बाजार को चीन की अर्थव्यस्था के लिए बहुत अहम माना जाता है. बताया जा रहा है की, संकटग्रस्त होने के कारण रियल एस्टेट कंपनियां उन प्रोजेक्ट्स को पूरा नहीं कर पा रही हैं.

हांगकांग में लिस्टेट रियल एस्टेट कंपनी रॉनशाइन चाइना होल्डिंग्स ने बताया है कि इस वर्ष के पहले छह महीनों में उसका घाटा 4.8 बिलियन युवान तक का अनुमान है. इसके अलावा बता दें की, चीन के हिनान प्रांत स्थित कंपनी सेंट्रल चाइना रियल एस्टेट ने छह बिलियन युवान तक का घाटा होने का अनुमान जताया है.

कई कंपनी चीन छोड़ने को हैं मजबूर

बता दें की, चीन (china) के हालात काफी ख़राब हो गए हैं. कई कंपनी चीन छोड़ने को मजबूर हैं. Apple जैसी कंपनी अब चीन से भागना चाहती हैं. इसलिए Apple अब धीरे धीरे अपना कारोबार चीन से हटा रहा है.

BBC में छपी खबर के मुताबिक, चीन में Apple का 90 प्रतिशत व्यापार है. जिसको अब कंपनी हटा रही है. एक समय ऐसा आ गया था की चीन के बैंको में पैसा नहीं था. जिसके चलते चीन ने बैंको के आगे सैन्य टैंक लगा दिए थे ताकि लोग बैंक में अपना पैसा निकालने ना जाए.

अमेरिका के बाद चीन दूसरी सबस बड़ी अर्थव्यवस्था है. लेकिन अपनी ही नीतियों की वजह से यह धीरे- धीरे नीचे आ रही है. जानकारों का मानना है की चीन को अपना रुख जल्दी से ही सुधारना होगा वरना वो दिन दूर नहीं जब चीन लोन देने के बजाए लोन लेना होगा.

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