Justice DY Chandrachud आज लेंगे देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ

DY Chandrachud: न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) आज भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में पद की शपथ दिलाएंगी. न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्य न्यायाधीश दिवंगत न्यायमूर्ति वाईवी चंद्रचूड़ के पुत्र हैं. जो सात साल तक देश के CJI रह चुगे हैं.

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) दो साल के लिए 10 नवंबर, 2024 तक सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख के रूप में काम करेंगे. वह न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित का स्थान लेंगे. जो 74 दिनों के कार्यकाल के लिए शीर्ष पद पर कार्यरत थे.

DY Chandrachud बनेंगे दुनिया के सबसे मजबूत लोकतंत्र के मुख्य न्यायाधीश

इंडिया टुडे से मिली जानकारी के मुताबिक, देश की शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में छह साल से अधिक समय के बाद, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) बुधवार को भारत के 50 वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं.

यह देश के न्यायिक इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण भी होगा क्योंकि इससे जस्टिस चंद्रचूड़ और उनके पिता, पूर्व CJI YV चंद्रचूड़, CJI के पद तक पहुंचने वाले एकमात्र पिता-पुत्र की जोड़ी बन जाएंगे. न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ उन बेंचों का भी हिस्सा थे जिन्होंने आईपीसी (IPC) की धारा 377, आधार योजना (Aadhaar scheme) की वैधता और सबरीमाला मुद्दे को हटाकर समलैंगिक संबंधों (same-sex) को अपराध से मुक्त करने पर महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं.

Justice DY Chandrachud आज लेंगे देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ
Justice DY Chandrachud आज लेंगे देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ

आलोचना का भी सामना करना पड़ा है न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ को

बताया जाता है की, यह कहना गलत होगा कि मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) का कार्यकाल आसन होने वाला है. सुप्रीम कोर्ट (sc) में अपने पूरे कार्यकाल के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ को प्रशंसा और आलोचना दोनों का सामना करना पड़ा है.

जस्टिस चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) की अगुवाई वाली बेंच ने कोविड संकट के दौरान लोगों को हो रही परेशानी से राहत दिलाने के लिए कई आदेश पारित किए थे. हाल ही में, उनकी अध्यक्षता वाली एक पीठ ने अविवाहित महिलाओं के लिए मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) अधिनियम के दायरे को भी बढ़ाया है.

कई एतिहासिक फैसले लेने के लिए जाने जातें है

अगर भारत के मुख्य न्यायाधीश की शिक्षा की बात करें तो, जस्टिस चंद्रचूड़ के पास सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र (Economics) में स्नातक की डिग्री है. बाद में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी(LLB) और एलएलएम (LLM) पूरा किया. और अमेरिका में हार्वर्ड लॉ स्कूल से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है.

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट में कानून का अभ्यास (law Practice) किया है और मुंबई विश्वविद्यालय में तुलनात्मक संवैधानिक कानून (comparative Constitutional law at the University) के विजिटिंग प्रोफेसर भी थे.

उन्हें जून 1998 में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था. जस्टिस चंद्रचूड़ बॉम्बे हाई कोर्ट में जज और इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर चुके हैं. अपने कार्यकाल में जस्टिस चंद्रचूड़ ने कई एतिहासिक फैसले लिए हैं. जिसमें सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने, भारतीय नौसेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने जैसे फैसले शामिल हैं.

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