Drone: ईरान ने अपने पहले नौसैनिक ड्रोन-वाहक डिवीजन का किया अनावरण

समाचार एजेंसी IRNA की ख़बर के अनुसार, ईरानी नौसेना (Iranian Navy) ने शुक्रवार को दक्षिणी ईरान में एक समारोह में अपने पहले नौसैनिक ड्रोन-वाहक डिवीजन (Drone) का अनावरण किया है. समारोह के दौरान ईरानी सेना (Iranian Army) और रक्षा मंत्रालय द्वारा निर्मित स्वदेशी ड्रोन को उनकी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए समुद्र के ऊपर भी उड़ाया गया.

ईरान ने लौंच किया ड्रोन

बता दें की, ईरानी लड़ाकू ड्रोन (Drone) ने पहली बार घरेलू स्तर पर विकसित फतेह-क्लास (Fateh-class) और तारेक किलो-क्लास अटैक (Tareq Kilo-class attack) पनडुब्बियों से उड़ान भरी है. बता दें की, समारोह में ईरानी सेना के चीफ कमांडर अब्दुलरहीम मौसवी (Abdolrahim Mousavi) और नेवी कमांडर शाहराम ईरानी (Shahram Irani) मौजूद थे.

जानकारी के मुताबिक, मौसवी (Abdolrahim Mousavi) ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को लगातार उन्नत करके देश की रक्षा को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया है. मौसवी (Abdolrahim Mousavi) ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी दुश्मन कोई हरकत करता है तो उसको बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा. बता दें की, इसके पहले ईरान ने अपने ड्रोन बेस की फोटो ज़ारी की थी.

सामने आया ईरान का अंडरग्राउंड ड्रोन बेस

ANI की ख़बर के मुताबिक, ऐसा माना जा रहा है की जागरोस की पहाड़ियों (Zagros Mountains) के नीचे बनाई गई इन सुरंगों के अंदर ईरानी सेना (Iranian Army) के खतरनाक ड्रोन्स रखे हैं. हालांकि ईरान की स्टेट मीडिया ने इस बेस की लोकेशन नहीं बताई है. खतरनाक ड्रोन की फोटो ईरानी मीडिया ने अपने टीवी पर प्रसारित की थी. जिसके बाद से दुनिया भर में ये चर्चा का विषय बन गया था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केर्मंनशाह शहर से 40 मिनट की दूरी पर भी हो सकता है ये बेस. हर कोई फ़िलहाल अनुमान लगा रहा है. लेकिन किसी को भी इसकी असली लोकेशन नहीं पता चल पाई है. ऐसा बताया जाता है की, ईरान ने 1980 में ड्रोन बनाना शुरू कर दिया था. ये उस समय की बात है जब ईरान-ईराक (Iran-Iraq) के बीच युद्ध (War) छिड़ा हुआ था.

सुरंग में हैं 100 मिलिट्री ड्रोन्स

जानकारी के मुताबिक, ऐसा माना जा रहा है की ईरान की सुरंग में कम से कम 100 मिलिट्री ड्रोन्स रखें गए हैं. बता दें की, इन ड्रोन (Drone) तस्वीरें देखकर मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में अजीब सी हलचल देखी जा रही है. सभी को झटका लगा है की ईरान के पास ड्रोन का इतना बड़ा जत्था है. ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अब्दुलरहीम मौसवी का कहना है की अब ईरानी सेना और ज्यादा मजबूत हो गई है.

बता दें की, इन सुरंगों के अंदर खतरनाक अबाबिल-5 (Ababil-5) ड्रोन्स भी मौजूद हैं. जिनमें खतरनाक काएम-5 (Qaem-5) मिसाइलें लगी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आपको बता दें कि Qaem-5 मिसाइलें स्वदेशी तकनीकि से बनी हैं. जो ईरान (Iran) द्वारा विकसित एयर टू सरफेस (air to surface) पर मार करने वाली मिसाइलें (missiles) हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी स्टेट मीडिया (Irani State Media) के संवाददाता ने बताया कि उन्हें इस ड्रोन साइट तक पहुंचने में हेलीकॉप्टर से 45 मिनट का वक्त लगा था. जब उन्होंने बीते गुरुवार को पश्चिमी ईरान स्थित Kermanshah सिटी से इस सीक्रेट अंडरग्राउंड ड्रोन (City Underground Drone) साइट तक पहुंचने के लिए उड़ान भरी थी.

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