September 26, 2022
Dollar vs Rupee: डॉलर के मुकाबले और कमजोर हुआ भारतीय रुपया, 81₹ के न्यूनतम स्तर पहुँचा

Dollar vs Rupee: डॉलर के मुकाबले और कमजोर हुआ भारतीय रुपया, 81₹ के न्यूनतम स्तर पहुँचा

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Dollar vs Rupee: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले धीरे धीरे गिरता (Dollar vs Rupee) ही जा रहा है. बता दें की, रुपया शुरुवाती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 41 पैसे फिसलकर 81.18 पर आ गया.

अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरे बढ़ने के हैं संकेत

ANI से मिली अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अमेरिका की केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत मिल रहा है. जिसके चलते अब निवेशक भी निवेश करने से कतरा रहे  हैं.

डॉलर के मुकाबले पैसा लगातार गिरता जा रहा है. आज भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 41 पैसे गिरकर 81.20 के सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया है.

व्यापारियों का कहना है की भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ढीले रवैये की वजह से फरवरी के बाद से उनको इस मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स ने एक अधिकारिक नोटिस में कहा है की, RBI  भारतीय मुद्रा (Dollar vs Rupee) में गिरावट को नहीं बचा सका इसका सबसे बड़ा कारण है की वो अपने एसेट्स (Assets) को कैश में नहीं बदल सकती.

10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US सरकार ट्रेजरी बांड बेचकर पैसा जुटाने के लिए उधार ली गई धनराशि पर भुगतान करती है) रातोंरात 3.70% से ऊपर चढ़ गई और दो साल की यील्ड 4.16% के उच्च स्तर पर पहुंच गई.

डॉलर के मुकाबले सभी करेंसी कर रही मुसीबत का सामना

सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स ने एक अधिकारिक बयान में कहा है की,

” सिर्फ रुपया ही नहीं बल्कि सभी मुद्राओं ने अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट दर्ज की है. जिससे फेड इस साल 4.6% तक ब्याज दरों को बढ़ा सकता है. फेड बैठक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद वैश्विक स्तर पर विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के रूप में परिस्थितियां बदल गई हैं. और डॉलर के मुकाबले सभी करेंसी को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है.”

बता दें की यू.एस. इक्विटी रातोंरात गिरावट देखी गई उसके साथ ही यू.एस की एस एंड पी (S&P) 500 इंडेक्स ( एस एंड पी इंडेक्स शेयर बाजार इंडेक्स है. जो संयुक्त राज्य अमेरिका में स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध 500 बड़ी कंपनियों के स्टॉक प्रदर्शन को मापता है) भी नीचे गिर गई है.

इसके साथ ही बता दें की,  भारतीय बेंचमार्क गेज (Indian benchmark gauge) सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 600 अंक गिर गया है. भारत के गिरते रूपये के लिए जानकार रूस-यूक्रेन के युद्ध को भी ज़िम्मेदार मान रहे हैं. इसके साथ ही कुछ अन्य जानकारों का मानना है की, कोरोना की मार से अभी भी देश उभर नहीं पाया है. रूपये को मजबूत करने के लिए  हमें अभी समय लगेगा.

अभी और गिरेगा रुपया ?

जानकारी के लिए बता दें की,  विश्लेषकों को रुपये के और गिरने की संभावना दिख रही है. विश्लेषकों का कहना है की, “ऐतिहासिक रूप से जब भी रुपये में एक बड़ा आंकड़ा निकाला गया है. तो ब्रेकआउट के एक महीने के भीतर औसतन 2.5 रुपये की चाल देखी गई है. हमारा ऐसा मानना है की, अभी रुपया 81.80 और 82.00 के स्तर तक और कमज़ोर होगा.”

हालाँकि, देश अभी भी महंगाई की मार झेल रहा है. भारत के साथ ही उसके पड़ोसी देशों की हालत तो और भी ज्यादा गंभीर हो गई है. श्रीलंका,पाकिस्तान,बांग्लादेश और यहाँ तक चीन भी सभी इस वक़्त अर्थव्यवस्था की मार झेल रहा है.

 

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