Mohammad zubairt: मोहम्मद जुबैर को दिल्ली की कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन देश से नहीं जा सकेंगे बाहर

Delhi Court: ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammad zubair) को दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) से राहत मिल गई है. बता दें की, इससे पहले उन्हें यूपी के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से अंतरिम राहत मिली थी. पटियाला हाउस कोर्ट (Patiyala House Court) ने गुरुवार 14 जुलाई को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.

मोहम्मद जुबैर को मिली जमानत

पटियाला हाउस कोर्ट (Patiyala House Court) ने ऑल्ट न्यूज़ (Alt News) के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammad zubair) को जमानत दे दी है. पटियाला हाउस कोर्ट (Patiyala House Court) ने मोहम्मद ज़ुबैर (Mohammad zubair) को कुछ शर्तों पर जमानत दी है. जिसमें अदालत की इजाजत के बगैर जुबैर देश नहीं छोड़ सकते हैं.

जज देवेंद्र कुमार जांगला (Devendra Kumar Jangla) ने जुबैर को 50,000 रुपए के मुचलके पर जमानत दी है. बता दें की, देवेंद्र कुमार जांगला ने सुनवाई के दौरान कहा कि भारतीय लोकतंत्र और राजनीतिक दलों की आलोचना जरूरी है. न्यायाधीश ने कहा कि हिंदू धर्म (Hindu Religion) सबसे पुराने और सबसे सहिष्णु धर्मों में से एक है. हिंदू धर्म के अनुयायी भी सहिष्णु हैं.

एक पुराने ट्वीट पर हुई थी गिरफ़्तारी

ऑल्ट न्यूज़ (Alt News) के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammad zubair) की गिरफ़्तारी एक पुराने ट्वीट (Tweet) को लेकर हुई थी. जुबैर (Mohammad zubair) को पहली बार 27 जून को उनके द्वारा 2018 में पोस्ट किए गए एक ट्वीट पर दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. बता दें कि जुबैर पर कुल 7 एफआईआर दर्ज हुए हैं. इसमें 6 उत्तर प्रदेश में और 1 मुकदमा दिल्ली में दर्ज है.

जानकारी के मुताबिक, 8 जुलाई को जस्टिस इंदिरा बनर्जी (Indira Banerjee) और जस्टिस जेके माहेश्वरी (JK Maheswari) की अवकाशकालीन पीठ ने सीतापुर (Sitapur) मामले में मोहम्मद जुबैर को पांच दिन की अंतरिम जमानत दे दी थी. पीठ ने राहत देने के साथ ये शर्त रखी थी की जुबैर आगे से कोई भी ऐसा ट्वीट नहीं करेंगे. गौरतलब है कि मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मामला हनुमान (Hanuman) भक्त नाम के एक ट्विटर हैंडल की शिकायत पर आधारित था.

जुबैर की गिरफ़्तारी पर विपक्ष ने साधा था निशाना

मोहम्मद जुबैर (Mohammad zubair) की गिरफ़्तारी पर विपक्ष ने कई आलोचना की थी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा था कि, “सच की एक आवाज को गिरफ्तार करने से ऐसी हजार आवाजें उठेंगी.” तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन, पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा, TRS, AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी गिरफ्तारी की निंदा की थी. विपक्ष लगातार बीजेपी पर हमला वर था.

बता दें की, एक तरफ जुबैर को सपोर्ट करने वाले हैं तो दूसरी तरफ गिरफ्तारी को सही बताया जा रहा था. लेकिन इस बीच कोर्ट (Delhi Court) ने ये साफ़ कर दिया है की, मोहम्मद जुबैर (Mohammad zubair) को जमानत दे दी गई है. कोर्ट ने अपनी कुछ शर्तें रखीं जो जुबैर को माननी ही पड़ेंगी. जैसे की जुबैर देश से बहर नहीं जा सकते.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्रकार मोहम्मद जुबैर भाजपा की पूर्व नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) और साधुओं को ‘नफरत फैलाने वाले’ कहने के बाद चर्चा में आए थे. इसके बाद से इनकी आलोचना का दौर और तेज़ हो गया था.

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