दिवाली के बाद Delhi की हवा हुई जहरीली, एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 323 पहुंचा

Delhi: दिवाली के एक दिन बाद मंगलवार सुबह दिल्ली (Delhi) की वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 323 पहुँच गया है. आसामान में जलते पटाखों की वजह से प्रदूषण स्तर अचानक खतरनाक चुका है. कहा जा रहा है इसका असर ये होगा कि आने वाले दिनों में राजधानी की हवा और भी जहरीली हो जाएगी.

Delhi में साँस लेना हुआ मुश्किल

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार मंगलवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 323 (very poor) था. दिल्ली (Delhi) में पटाखे जलाने को मना किया गया था. लेकिन लोगों ने जमकर आतिशबाजी की. जिसके कारण अब दिल्ली की हवा इतनी प्रदूषित हो गई है की लोगों का साँस लेना भी मुश्किल हो गया है.

दिल्ली (Delhi) सबसे नाज़ुक हालात आनंद विहार के हैं. दीवाली की शाम आनंद विहार का AQI-398 ‘बहुत खराब’ जबकि, दिवाली से 1 दिन पहले आनंद विहार का AQI – 375 ‘बहुत खराब’ था. दिल्ली (Delhi) की हवा बहुत खराब हो गई है.

दिवाली के बाद Delhi की हवा हुई जहरीली, एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 323 पहुंचा
दिवाली के बाद Delhi की हवा हुई जहरीली, एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 323 पहुंचा

अधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली (Delhi) के अलीपुर में AQI 308, वजीरपुर में 313, आईटीओ पर 332, आनंद विहार में 363, पूसा में 323, डीटीयू में 304, शादीपुर में 300, नरेला में 290, बवाना में 310, मुंडका में 306 और पंजाबी बाग में 327 दर्ज किया गया.

दिल्ली में गरजे उच्च-डेसीबल के पटाखे

समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद, लोगों ने नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं. सोमवार की रात में बड़ी संख्या में उच्च-डेसीबल पटाखे गरजे हैं. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पिछले हफ्ते कहा था कि दिवाली पर राष्ट्रीय राजधानी में पटाखे फोड़ने पर छह महीने तक की जेल और 200 रुपये का जुर्माना लगेगा. लेकिन किसी ने भी उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना.

बता दें की, आसपास के पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में पराली जलाने से राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है. दिवाली पर पटाखे फोड़ना एक सदियों पुरानी परंपरा है. लेकिन दिल्ली में अधिकारियों ने कहा कि, “इसे प्रतिबंधित करने का निर्णय पर्यावरण संबंधी चिंताओं और इससे जुड़े स्वास्थ्य खतरों पर विचार करने के बाद लिया गया था.”

दिल्ली (Delhi) में लोगों ने दिल्ली सरकार द्वारा इन पर लगाए गए प्रतिबंध की धज्जियां उड़ाते हुए सोमवार को दिवाली की पूरी रात बड़ी संख्या में तेज आवाज वाले पटाखों जलाए. दिल्ली की हवा हर साल दिवाली के बाद जहरीली हो जाती है.

बीते छह सालों में ऐसा रहा है दिल्ली का AQI

साल 2016- 445 (30 अक्टूबर)

साल 2017- 407 (19 अक्टूबर)

साल 2018- 390 (7 नवंबर)

साल 2019- 368 (27 अक्टूबर)

साल 2020- 435 (14 नवंबर)

साल 2021- 462 (4 नवंबर)

अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, नोएडा (Noida) में AQI 400 के पार जा सकता है. यानी वायु प्रदूषण गंभीर की कैटेगरी में पहुंच जाएगा. इसके अलावा बता दें की, गाजियाबाद (301), नोएडा (303), ग्रेटर नोएडा (270), गुरुग्राम (325) और फरीदाबाद (256) हो गया वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI).

आंकड़ों से पता चलता है कि राजधानी के लगभग सभी स्टेशनों पर पटाखों के फटने से रात 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रदूषण तेज़ी से बढ़ा है. सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्र दक्षिणी दिल्ली में हैं. सबसे प्रदूषित स्टेशन आरके पुरम, ओखला, करणी सिंह शूटिंग रेंज, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम हैं.

 

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