September 25, 2022
Curfew: श्रीलंका में हालात गंभीर, देश में लगा राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू

Curfew: श्रीलंका में हालात गंभीर, देश में लगा राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू

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Curfew: श्रीलंका (Srilanka) में बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू (Curfew) का एलान कर दिया गया है. बता दें की, कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) ने बुधवार को अधिसूचना जारी की और इसका एलान किया है. सूचना के मुताबिक, कर्फ्यू (Curfew)14 जुलाई को सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा.

अधिसूचना में क्या कहा गया

श्रीलंका (Srilanka) में दिन पर दिन हालात गंभीर होते जा रहें हैं. हालही, में लाखों लोगों की भीड़ ने राष्ट्रपति भवन पर कब्ज़ा कर लिया था. जिसकी वजह से राष्ट्रपति Gotabaya Rajapaksa को श्रीलंका छोड़कर मालदीव भागना पड़ा. इस बीच राष्ट्रपति विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) ने स्पीकर से कहा है कि वो प्रधानमंत्री मनोनीत करें.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिसूचना में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक सड़क, रेलवे, सार्वजनिक पार्क, सार्वजनिक मनोरंजन मैदान या अन्य सार्वजनिक मैदान या समुद्र के किनारे पर निर्धारित क्षेत्रों में 13 जुलाई की रात से 14 जुलाई की सुबह 5 बजे तक नहीं जा सकता. विक्रमसिंघे ने प्रधानमंत्री के रूप में अधिसूचना पर हस्ताक्षर किए थे.

बता दें की, विक्रमसिंघे ने बुधवार को आपातकाल की घोषणा की और देश के पश्चिमी प्रांत में कर्फ्यू (Curfew) लगा दिया. प्रदर्शनकारी विक्रमसिंघे के आवास के बाहर तैनात सुरक्षा बलों पर भी हमला करने के लिए तैयार थे. श्रीलंका में एक बार जो हालात बिगड़े वो अब संभलने का नाम ही नहीं ले रहें हैं. अब पीएम आवास के आसपास हवाई पेट्रोलिंग भी शुरू हो गई है.

प्रधानमंत्री के घर में प्रदर्शनकारियों ने किया कब्ज़ा

ANI की ख़बर के मुताबिक, श्रीलंका की राजधानी कोलंबो (Colombo) में जैसे ही विरोध तेज हुआ. श्रीलंका (Srilanka) के प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने कोलंबो के फ्लावर रोड स्थित उनके आवास पर कब्जा कर लिया. ऐसा बताया जा रहा है की, प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले दागे गए हैं.

बता दें की, विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) ने सशस्त्र बलों और पुलिस को मौजूदा स्थिति को नियंत्रण में लाने का निर्देश दिया है. श्रीलंका के विपक्ष के नेता साजिथ प्रेमदासा (Sajith premadasa ) ने कहा कि, “पीएम राष्ट्रपति की शक्तियों का प्रयोग नहीं कर सकते और कर्फ्यू (Curfew) या आपातकाल (Emergency) की स्थिति की घोषणा नहीं कर सकते.”

मीडिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, श्रीलंकाई अधिकारियों ने आज पुष्टि की कि गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) देश के रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही अपनी पत्नी और दो अंगरक्षकों के साथ मालदीव गए थे. बता दें की, श्रीलंका में आर्थिक हालत बहुत ही ख़राब चल रहें हैं. लोगों के खाने तक के लाले पद गए हैं. जिसकी वजह से लोगों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है.

भारत के दोनों पड़ोसी देश पाकिस्तान और श्रीलंका की हालत गंभीर होती ही जा रही है. पाकिस्तान में भी आर्थिक हालात कुछ ठीक नहीं चल रहे. वही श्रीलंका में तो लोगो के सब्र का बांध टूट सा गया है. और अब सरकारी दफ्तरों में भी जनता कब्ज़ा करने लगी है और विरोध प्रदर्शन और उग्र होता जा रहा है. जानकारों का मानना है की अगर ऐसे ही चलता रहा तो एक दिन श्रीलंका बिलकुल ही तबाह हो जाएगा.

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