Crude oil: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें अपने हाल के उच्च स्तर से आई नीचे

Crude oil: रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंदी की आशंका और चीन(China) के कुछ हिस्सों में चल रहे कोविड(Covid-19) लॉकडाउन(Lockdown) की वजह से कच्चे तेल(Crude oil) के दामो में गिरावट देखी गई है. बता दें की, कच्चा तेल(Crude oil) 113.61 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है. 

कच्चे तेल के दाम हुए कम

ANI की ख़बर के मुताबिक, साप्ताहिक आधार पर क्रूड आयल(Crude oil) में करीब 8 फीसद की गिरावट देखी गई है. हालाँकि, बता दें की, इसका असर अपने देश की कीमतों पर नहीं पड़ा है. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट ( West Texas Intermediate ) कच्चा तेल(Crude oil) वायदा वर्तमान में लगभग 110 डॉलर प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जबकि हाल ही में इसकी कीमत लगभग 123 डॉलर प्रति डॉलर है.

वैसे तो, रूस-यूक्रेन(Russia-Ukraine) के युद्ध(war) के चलते कच्चा तेल(Crude oil) की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेज़ी से बढ़ गईं थी. बता दें की, कच्चे तेल कीमतों में गिरावट आई लेकिन अभी भी बाजार में आपूर्ति की तंगी देखी जा रही है. 

ख़बरों के अनुसार बिक्री दबाव पिछले हफ्ते दिखाई दे रहा था क्योंकि अमेरिकी(America) ऊर्जा विभाग ने सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व से कच्चे तेल के 45 मिलियन बैरल की बिक्री के चौथे नोटिस की घोषणा की थी. सचदेवा का कहना है की “हालांकि यह कदम अभी भी रूस से उत्पादन के नुकसान को ऑफसेट करने के लिए पर्याप्त नहीं है, जो पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच गिरावट आई है, कारकों की एक श्रृंखला ने तेल की कीमतों पर अपने बहु-वर्षीय उच्च से दबाव डाला है.”

पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन OPEC(organization of the Petroleum Exporting Countries) और उसके सहयोगियों ने जुलाई और अगस्त में एक दिन में लगभग 648,000 बैरल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है. बता दें की,पहले से लगभग 432,000 बैरल प्रति दिन की नियोजित वृद्धि से लगभग दो-तिहाई अधिक है. 

सचदेवा(sachdeva) ने कहा, कच्चे तेल पर कुछ समय के लिए दबाव बना रह सकता है, लेकिन पूरी तस्वीर सकारात्मक है और कीमतों को लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल और फिर 98 डॉलर प्रति बैरल का समर्थन मिलने की संभावना है.

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