September 25, 2022
Congo में सीमा सुरक्षा बल के दो सैनकों की मौत पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने व्यक्त किया दुख

Congo में सीमा सुरक्षा बल के दो सैनकों की मौत पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने व्यक्त किया दुख

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कांगो (Congo) लोकतांत्रिक गणराज्य में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के दो भारतीय शांति सैनिकों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया है. कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) के दो जवानों ने हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान घातक चोटों के कारण मंगलवार को दम तोड़ दिया.

दो जवानों ने तोड़ा दम

मीडिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (Democratic Republic of Congo) में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) के दो जवानों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान दम तोड़ दिया.

बता दें की, भारतीय शांतिरक्षक कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (MONUSCO) में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन का हिस्सा थे. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट करके कहा की,

“कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (Democratic Republic of Congo) में बीएसएफ के दो बहादुर भारतीय शांति सैनिकों की जान जाने पर गहरा दुख हुआ. वे MONUSCO का हिस्सा थे. इन अपमानजनक हमलों के अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए. शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना.”

बीएसएफ (BSF) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे घटनास्थल पर जाते समय अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र बल के संपर्क में थे. बता दें की, इससे पहले कुछ समूहों ने पूरे कांगो में सप्ताह भर चलने वाले आंदोलन का आह्वान किया था.

हाई अलर्ट एरिया में तैनात थे जवान

ख़बरों की माने तो, बेनी और बुटेम्बो जहां 2 बीएसएफ प्लाटून तैनात थे. बताया जा रहा है जहाँ वो तैनात थे वो एरिया हाई अलर्ट पर था. बता दें की, मंगलवार को बुटेम्बो में स्थिति हिंसक हो गई थी. मोरोको रैपिड डिप्लॉयमेंट का कैंप जहां बीएसएफ की प्लाटून तैनात थीं.

बताया जा रहा है की वो एरिया भी प्रदर्शनकारियों से घिरा हुआ था. कांगो (Congo) पुलिस (PNC) और कांगो सेना (FARDC) के सैनिक पहुंचे, लेकिन 500 से अधिक की अनुमानित हिंसक भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सके.

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कांगो सैनिकों ने हवा में गोलियां चलाईं. और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बीएसएफ के जवानों ने धुआं उड़ाया.  लेकिन वे तीन अलग-अलग स्थानों पर लोगों की एकता की दीवार को तोड़ने में सफल रहे.

अभी भी जारी है फायरिंग

मिली जानकारी की माने तो, कांगो सैनिकों ने भीड़ को खदेड़ दिया गया लेकिन वे फिर से जमा हो गए. भीड़ को खदेड़ने के लिए सैनिकों ने दुबारा हमला किया. दूसरा हमला अधिक भीषण था और उसके साथ छोटे हथियारों (ऑटोमैटिक्स) से गोलीबारी भी हुई थी.

हालाँकि, ऐसा बताया जा रहा है की भीड़ बहुत ही ज्यादा उग्र हो गयी थी. जिसके चलते मोरक्को और भारतीय सैनिकों ने आत्मरक्षा में गोलीबारी करनी पड़ी. अभी पुरी तरह से विवाद थमा नहीं है. छिटपुट फायरिंग अभी भी जारी है.

बता दें की, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है. संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) के दो जवानों ने जो जान गवाई है उसको एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है.

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