Coal smuggling case: कोयला तस्करी मामले में सीआईडी ने बंगाल भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी को किया तलब

Coal smuggling case: पश्चिम बंगाल के अपराध जांच विभाग (CID) के अधिकारियों ने कोयला तस्करी मामले (Coal smuggling case)   में प्रदेश भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी को तलब किया है. सीआईडी ​​ने उन्हें शुक्रवार को सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए शहर में अपने अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा है.

कोयला तस्करी मामले में जुड़ा भाजपा नेता का नाम

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता को बंगाल पुलिस मुख्यालय भवानी भवन में सीआईडी ​​के कार्यालय के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है. भाजपा नेता जो आसनसोल के तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मेयर हैं और 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे. उन्होंने 160 सीआरपीसी के तहत नोटिस मिलने की पुष्टि की.

इस संबंध में अंदल पुलिस स्टेशन में 2020 में एक लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था. जिसके बाद सीआईडी ​​ने जांच शुरू की थी. जितेंद्र तिवारी ने कहा की, ”जांच के लिए जांच अधिकारी किसी को भी बुला सकता है.” सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों से कथित अवैध उत्खनन, परिवहन और कोयले की बिक्री की भी जांच कर रहे हैं.

इसके अलावा बता दें की, कोयला तस्करी मामले (Coal smuggling case) में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी को फिर से तलब किया था. टीएमसी नेता को 2 सितंबर को केंद्रीय एजेंसी के कोलकाता कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था.

टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी भी  मार्च में ईडी के सामने पेश हुए थे

इससे पहले टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी इस साल मार्च में ईडी के सामने पेश हुए थे. ईडी के मुताबिक, मामले में नामजद दो कंपनियां- लीप्स एंड बाउंड प्राइवेट लिमिटेड और लीप्स एंड बाउंड मैनेजमेंट सर्विसेज एलएलपी- अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार से जुड़ी हैं.

इन कंपनियों को कथित कोयला तस्करी मामले में एक निर्माण कंपनी से आरोपी के जरिए 4.37 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि मिली थी. अभिषेक बनर्जी के पिता, अमित बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा, लीप्स एंड बाउंड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों में से हैं.

बता दें की, अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को ईडी के कार्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा था की, “हम सत्ता में बैठे लोगों के सामने नहीं झुकेंगे. मैं केवल इस देश के लोगों के सामने झुकूंगा.”

ममता बनर्जी ने सभी गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा था पत्र

दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी ने सभी गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर केंद्र के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने के लिए एकजुट होने को कहा था. एक पत्र में कहा गया था की,

 “मैं आपको सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा इस देश के संस्थागत लोकतंत्र पर सीधे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं. ईडी, सीबीआई, केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल प्रतिशोध के लिए देश भर में राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने परेशान करने और उन्हें घेरने के लिए किया जा रहा है.”

आगे पत्र में कहा गया की, “हम सभी को विपक्षी नेताओं को दबाने के एकमात्र इरादे से इन केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने की सत्तारूढ़ भाजपा की मंशा का विरोध करना चाहिए. चुनाव नजदीक आते ही केंद्रीय एजेंसियां ​​हरकत में आ जाती हैं. हम शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास करते हैं, लेकिन हम भाजपा की प्रतिशोधात्मक राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे. जिसके कारण राजनीतिक डायन-हंट हुआ है.”

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