Chinese Drone Company: चीन से संबध रखने के वजह से अमेरिका ने दो Drone कंपनी को किया ब्लैकलिस्ट

Chinese Drone Company:  संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग (DoD) ने दुनिया की सबसे बड़ी ड्रोन निर्माता सहित एक दर्जन से अधिक चीनी कंपनियों को चीनी सेना के साथ कथित संबंधों वाली फर्मों (Chinese Drone Company) की ब्लैकलिस्ट में शामिल किया है. शेन्ज़ेन स्थित डीजेआई (DJI) टेक्नोलॉजी के संबंध चीन से पाए जाने के कारण उसको अमेरिका ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है.

अमेरिका ने  ड्रोन कंपनी को किया ब्लैकलिस्ट

Aljazeera से मिली अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) ने शेन्ज़ेन स्थित डीजेआई टेक्नोलॉजी को ब्लैकलिस्ट में दाल दिया है. DoD ने 5 अक्टूबर, 2022 को राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (National Defence Authorisation Act) के तहत ड्रोन फर्म और एक दर्जन अन्य हाई-टेक फर्मों को अपनी ब्लैकलिस्ट में डाला है. इसके फलर अमेरिका ने  Huawei और Hikvision शामिल को ब्लैकलिस्ट किया था. ये सूची अमेरिका ने  2021 में जारी की थी.

पेंटागन की ब्लैकलिस्ट में डीजेआई (DJI) से संबद्ध अन्य हाई-टेक कंपनियों भी शामिल है. इनमें चीन की सबसे बड़ी जीनोमिक्स फर्म, बीजीआई जीनोमिक्स और चाइना स्टेट कंस्ट्रक्शन ग्रुप इनके नाम भी शामिल हैं. पेंटागन का यह बयान तब आया है जब वाशिंगटन ने चीनी कंपनियों के साथ अमेरिकी व्यापारिक संबंधों पर प्रतिबंधों की एक सूची पेश की थी. अमेरिका ने चिंता जताई है की इन कंपनियों के संबंध पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हैं.

एक लंबे ऑडिट के बाद जून 2021 में सरकारी उपयोग के लिए डीजेआई ड्रोन (Chinese Drone Company) को हटाने के लिए अमेरिकी आंतरिक विभाग (DOI) के निर्णय के बाद यह निर्णय लिया गया था. इसके बाद, पेंटागन ने 23 जुलाई, 2021 को एक और बयान जारी कर चेतावनी दी थी कि दा जियांग इनोवेशन (Da Jiang Innovations) द्वारा निर्मित सिस्टम अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं.

ब्लैकलिस्ट में 60 से अधिक कंपनी हैं शामिल

रायटर्स के मुताबिक, ब्लैकलिस्ट में 60 से अधिक चीनी कंपनियां शामिल हैं. जिनमें तकनीकी दिग्गज हुआवेई टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर निर्माता SMIC शामिल हैं. पेंटागन ने एक बयान में कहा की, “हमारा विभाग पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सैन्य-नागरिक संलयन रणनीति ( Military-Civil Fusion strategy) को उजागर करने और उसका मुकाबला करने के लिए बाध्य है.”

आगे पेंटागन ने कहा की वो चीनी कंपनियों के ऊपर कड़ी नज़र बनाए हुए है. और अभी वो चीनी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की अपनी सूची को अपडेट करता रहेगा. पेंटागन को शक है की अभी भी ऐसी कई कंपनियां हैं जो सुरक्षा उपकरण बनाती हैं और संचालित करती हैं. जिनके सीधे लिंक चीन के साथ हैं और वहां की आर्मी को हर अपडेट मिलता रहता है. जो सुरक्षा के लिहाज से बहुत खतरनाक है.

इन्वेस्टर्स को पहले ही दी गई थी चेतावनी

पेंसिल्वेनिया स्थित निगरानी अनुसंधान समूह (surveillance research group) के एक विश्लेषक चार्ल्स रोलेट (Charles Rollet) ने कहा कि डीजेआई के खिलाफ कदम उठाने की अमेरिका की मंशा पहले से ही साफ़ थी. हालाँकि, डीजेआई का दबदबा ड्रोन के बाज़ार में सबसे अधिक है. वैश्विक बाजार के आधे से अधिक हिस्से को ये नियंत्रित करता है. फिर भी होने वाली कार्यवाही के चलते निवेशकों को चेतावनी दी गई थी की वो इस कंपनी का साथ छोड़ दें.”

चार्ल्स रोलेट (Charles Rollet) ने आगे कहा कि “DoD लिस्टिंग इस बात की पुष्टि करती है कि अमेरिकी सरकार डीजेआई को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PCR) की सेना में योगदानकर्ता (contributor) मानती है.” उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी की, ” यह ध्यान देने वाली बात है की चाइना चेंगटोंग ने डीजेआई में निवेश कर रखा है. जो (चाइना चेंगटोंग) चीन की फंडिंग से चलती है.”

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