September 29, 2022
China-UN: शिनजियांग की रिपोर्ट के बाद संयुक्त राष्ट्र में चीन के ऊपर बढ़ रहा दबाव

China-UN: शिनजियांग की रिपोर्ट के बाद संयुक्त राष्ट्र में चीन के ऊपर बढ़ रहा दबाव

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China-UN: विभिन्न देशों के राजनयिकों एवं मानवाधिकार समर्थकों ने चीन (China-UN) को लेकर मानवता के खिलाफ अपराधों संबंधी रिपोर्ट के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र से उसके खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्था को भविष्य में इस बात को लेकर आंका जाएगा कि वह जातीय अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को लेकर चीन पर लगे आरोपों के मामले से किस प्रकार निपटती है.

ऐसे हुआ कार्रवाई का आह्वान

अधिकारिक मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई का आह्वान तब हुआ जब विश्व के नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की वार्षिक बैठक के लिए न्यूयॉर्क शहर पहुंचे, और दो सप्ताह बाद संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (China-UN) ने एक ऐतिहासिक रिपोर्ट में पाया कि चीन ने संभावित रूप से मानवता के खिलाफ अपराध किया है.

अल्पसंख्यक अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत फर्नांड डी वेरेन्स ने अटलांटिक काउंसिल और ह्यूमन राइट्स वॉच द्वारा प्रायोजित मंच पर कहा की, “निष्क्रियता अब संभव नहीं है. अगर हम इसे बिना सजा के जाने देते हैं. तो किस तरह का संदेश प्रचारित किया जा रहा है?”

संयुक्त राष्ट्र में उप अमेरिकी राजदूत जेफरी प्रेस्कॉट ने सुझाव दिया कि चीन के प्रति अपनी प्रतिक्रिया में संस्थान की अखंडता दांव पर थी. उन्होंने आगे कहा की,

“इन अत्याचारों को कैसे संबोधित किया जाता है. यह अंततः उस प्रणाली की विश्वसनीयता पर निर्भर करता है. हमारी अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए है. एक ऐसे देश को देखना बेहद निराशाजनक है. जो आधुनिक संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के निर्माण के लिए इतना केंद्रीय रहा है और सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में अपनी स्थिति का आनंद लेता है. इसलिए अपनी प्रतिबद्धताओं का गहराई से उल्लंघन करता है.”

चीन ने रिपोर्ट को माना अवैध

ऐसा माना जाता है कि इस रिपोर्ट को लंबे समय तक टाला गया. संयुक्त राष्ट्र ने अपनी बहु-प्रतीक्षित रिपोर्ट में कहा है कि चीन के शिनजियांग में उइगर समुदाय के लोगों तथा अन्य को जबरन नजरबंद रखना मानवता के खिलाफ अपराध के दायरे में आ सकता है. चीन ने संयुक्त राष्ट्र (संरा) मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट जारी होने पर हैरानी एवं नाराजगी जतायी है.

बता दें की, बीजिंग ने अपना 122-पृष्ठ का खंडन जारी किया और इसके राजनयिक अब शिनजियांग में अपने अभियान की परिषद द्वारा जिनेवा में चीन के राजदूत के साथ मानवाधिकार कार्यालय के साथ सहयोग वापस लेने की धमकी के साथ आगे की जांच की संभावना को रोकने और रोकने के लिए दूसरों की पैरवी कर रहे हैं.

मानवाधिकार परिषद जिनेवा में बैठक कर रही है जबकि UNGA न्यूयॉर्क में अपनी वार्षिक सभा आयोजित किया है. बीजिंग परंपरागत रूप से संयुक्त राष्ट्र की ओर देखता है. जहां वह उन देशों के समर्थन पर भरोसा कर सकता है. जिनसे उसने मित्रता की है और कई मामलों में आर्थिक रूप से सहायता की जी7 जैसे अमेरिकी नेतृत्व वाले ब्लॉकों के लिए एक काउंटरवेट के रूप में जो हाल के वर्षों में चीन के प्रति अधिक शत्रुतापूर्ण हो गए हैं.

बर्लिन में मर्केटर इंस्टीट्यूट फॉर चाइना स्टडीज की हेलेना लेगार्दा ने कहा, “चीन संयुक्त राष्ट्र को एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखता है. जिसका उपयोग वह अपने रणनीतिक हितों और लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और वैश्विक व्यवस्था में सुधार के लिए कर सकता है.”

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