China ने नेपाल की 36 हेक्टेयर जमीन पर किया कब्जा

China: नेपाल के कृषि मंत्रालय (Ministry of Agriculture) द्वारा जारी सर्वे दस्तावेज में इस बात का खुलासा हुआ है. नेपाल की उत्तरी सीमा पर चीन की सलामी-स्लाइस रणनीति के चलते चीन (China) ने उत्तरी सीमा पर 10 स्थानों पर नेपाल की 36 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर लिया है.

China तेज़ी से नेपाल में पसार रहा अपने पैर

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, अब चीन (China) तेज़ी से नेपाल में अपने पैर पसार रहा है. कृषि मंत्रालय द्वारा जारी सर्वे दस्तावेज के मुताबिक चीन (China) ने उत्तरी सीमा पर 10 जगहों पर नेपाल की 36 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर लिया है. इसी तरह, गृह मंत्रालय द्वारा किए गए अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला है कि नेपाल की राज्य नीति में सीमा के मुद्दों को शामिल करना अब ज़रूरी हो गया है.

सर्वे के पहले विश्व समुदाय और स्वयं नेपाली शायद इस समस्या से कोसो दूर थे. उनको इस बात की भनक भी नहीं थी. अधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक,  चीन (China) की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने 2016 में नेपाल के एक जिले में स्थित पशुपालन के लिए एक पशु चिकित्सा केंद्र बनाया था. लेकिन नेपाल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी.

China ने नेपाल की 36 हेक्टेयर जमीन पर किया कब्जा
China ने नेपाल की 36 हेक्टेयर जमीन पर किया कब्जा

चीन ने किया नेपाल की सीमाओं पर अतिक्रमण

यूके स्थित मीडिया द्वारा फरवरी 2022 की एक रिपोर्ट में चीन (China) ने नेपाल पर साझा सीमाओं पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर चीन ने नेपाल के सुदूर पश्चिमी हुमला जिले में सीमा चौकी के आसपास नहरें और सड़कें बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं.

मीडिया डबाली ने बताया कि चीन पर नेपाल के बगल में चीनी सीमा, लालुंगज़ोंग सीमा क्षेत्र में निगरानी गतिविधियों का भी आरोप लगाया गया था. हाल की रिपोर्टों से पता चला है कि न केवल नेपाली किसानों को पशुओं के चरने पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है. बल्कि चीन द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र में हिंदू और बौद्ध मंदिरों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.

ये जिले हैं चीन के कब्ज़े में

चीनी अतिक्रमण का पैमाना ऐसा है कि चीन की सीमा से लगे नेपाल के 15 जिलों में से सात से अधिक दोलखा, गोरखा, दारचुला, हुमला, सिंधुपालचौक, संखुवासा और रसुवा जिलों सहित चीनी भूमि अतिक्रमण का सामना कर रहे हैं.

दार्चुला और गोरखा के गांवों को भी चीन ने अपने कब्जे में ले लिया है. इसका ताजा उदाहरण रुई गांव है. सितंबर 2020 में, चीन ने हुमला जिले की सुदूर सीमा पर ग्यारह निर्माण किए हैं. हालाँकि, बाद में नेपाल की तत्कालीन सरकार ने हुमला जिले की स्थिति का अध्ययन करने के लिए गृह मंत्रालय को सौंपा था. द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, संयुक्त सचिव जयनारायण आचार्य के नेतृत्व वाली अध्ययन समिति ने सितंबर 2021 के आखिरी सप्ताह में गृह मंत्री को एक रिपोर्ट सौंपी थी.

चीन की जमीन पर अतिक्रमण और नेपाली जमीन में दखल की यह पहली घटना नहीं है. 2009 में, पीएलए (PLA) सैनिकों ने जिले में प्रवेश किया और एक पशु चिकित्सा केंद्र बनाया था. हिमालयन टाइम्स के अनुसार, 2017 में कृषि मंत्रालय ने एक सर्वे दस्तावेज जारी किया जिसमें दिखाता है कि चीन ने उत्तरी सीमा के साथ 10 स्थानों पर नेपाल के 36 हेक्टेयर क्षेत्र का अतिक्रमण किया है. इसी रिपोर्ट में 2016 में चीन ने नेपाल में कई इमारतें बनाने का दावा किया था.

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