America-India के सैन्य अभ्यास पर भड़का चीन, भारत ने सुनाई खरी-खरी

America-India: भारत ने गुरुवार को उक्करखंड के औली में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास हो रहे संयुक्त भारत-अमेरिकी (America-India) सैन्य अभ्यास पर चीन की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि किसी तीसरे देश के पास उसके फैसलों पर वीटो नहीं है.

America-India के रिश्तों के बीच नहीं आ सकता कोई तीसरा

WION से मिली अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, चीन ने बुधवार को कहा कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास भारत-अमेरिका (America-India) के संयुक्त सैन्य अभ्यास का विरोध करता है और यह नई दिल्ली और बीजिंग के बीच हस्ताक्षरित दो सीमा समझौतों की भावना का उल्लंघन है.

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से लगभग 100 किमी दूर उत्तराखंड में भारत-अमेरिका (America-India) संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ का 18वां एडिशन  वर्तमान में चल रहा है. इस युद्ध का उद्देश्य शांति स्थापना और आपदा राहत कार्यों में दोनों सेनाओं के बीच अंतर-क्षमता को बढ़ाना और विशेषज्ञता साझा करना है.

America-India के सैन्य अभ्यास पर भड़का चीन, भारत ने सुनाई खरी-खरी
America-India के सैन्य अभ्यास पर भड़का चीन, भारत ने सुनाई खरी-खरी

भारत ने नहीं किया है उसी और चीन की हस्ताक्षरित समझौतों का उल्लंघन

बता दें की, लगभग दो सप्ताह का अभ्यास इस महीने की शुरुआत में शुरू हुआ था. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा है की, “एलएसी (LAC) के पास भारत और अमेरिका (America-India) द्वारा आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ने 1993 और 1996 में चीन और भारत द्वारा हस्ताक्षरित समझौतों की भावना का उल्लंघन किया और द्विपक्षीय विश्वास को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है.”

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि औली में संयुक्त राज्य अमेरिका (America-India) के साथ संयुक्त अभ्यास का चीन के साथ 1993 और 1996 के समझौतों से कोई लेना-देना नहीं है. बागची ने कहा, “चूंकि ये चीनी पक्ष द्वारा उठाए गए थे. इसलिए मुझे इस बात पर जोर देना चाहिए कि चीनी पक्ष को 1993 और 1996 के समझौतों के उल्लंघन के बारे में सोचने और सोचने की जरूरत है.”

भारतीय सेना ने ट्वीट कर के दी जानकारी

उन्होंने कहा, “भारत जिसे चाहे उसके साथ अभ्यास करता है और वह इन मुद्दों पर तीसरे देशों को वीटो नहीं देता है.” भारत और चीन मई 2020 से लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से गतिरोध चल रहा है. पाकिस्तान के एक संवाददाता द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “चीन ने सैन्य अभ्यास पर भारतीय पक्ष से चिंता व्यक्त की है.”

कहा जाता है की, दोनों देशों की सेनाओं के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं, रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने के उद्देश्य से भारत और अमेरिका के बीच सालाना सैन्य अभ्यास आयोजित किया जाता रहता है.

भारतीय सेना ने 19 नवंबर को ट्वीट किया था. जिसमें कहा था की,

“भारत-अमेरिका संयुक्त अभ्यास #युद्धअभ्यास का 18वां संस्करण आज विदेशी प्रशिक्षण नोड, औली में शुरू हुआ है. संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य अंतरसंक्रियता को बढ़ाना और शांति बनाए रखने और आपदा राहत कार्यों में दोनों सेनाओं के बीच विशेषज्ञता साझा करना है. #IndianArmy #IndiaUSFriendship.”

औली से इतनी दूर चल रहा है युद्ध अभ्यास

रक्षा मंत्रालय ने यहां 15 नवंबर को कहा था कि 11वीं एयरबोर्न डिवीजन की दूसरी ब्रिगेड के अमेरिकी सेना के जवान और असम रेजीमेंट के भारतीय सेना के जवान अभ्यास में हिस्सा लेंगे.

भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ का 18वां संस्करण वर्तमान में औली में चल रहा है. औली वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से लगभग 100 किमी दूर है. जिसे भारत चीन प्रशासित तिब्बत के साथ साझा करता है.

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