China: चीन ने शिनच्यांग में बनाया हवाई अड्डा, खड़ा हुआ बड़ा बवाल

ANI न्यूज़ की माने तो चीन(China) के शिनच्यांग (Xinjiang) क्षेत्र में एक नए हवाई अड्डे का निर्माण हो रहा है. इस ख़बर के सामने आते ही बवाल खड़ा हो गया है. इस हवाई अड्डे का नाम ताशकुरगन (Tashkurgan) है.

हवाई अड्डे के निर्माण  की वजह

ताशकुरगन(Tashkurgan) हवाई अड्डा समुद्र तल से 3,258 मीटर ऊपर है, जो इसे चीन(China) के सबसे ऊंचे हवाई अड्डों में से एक है.

बता दें की, जुलाई(July) 2022 में हवाई अड्डे के पूरी तरह से खुलने की उम्मीद है. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट के मुताबिक काफी ज्यादा ऊंचाई पर बनने वाले इस एयरपोर्ट के जरिए चीन(China) पूरे सेन्ट्रल एशिया(Central Asia) पर अपना दबदबा कायम करना चाहता है.

न्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म रिपोर्टिका ने ट्वीट करके बताया की, चीन(China) ने शिंजियांग (Xinjiang) क्षेत्र में उच्च ऊंचाई वाले दोहरे उपयोग वाले हवाई अड्डे का निर्माण पूरा कर लिया है. यह शिनच्यांग (Xinjiang) क्षेत्र में पहला उच्च पठारी हवाई अड्डा है. जुलाई 2022 में हवाई अड्डे के पूरी तरह से खुलने की उम्मीद है.

कहाँ हैं ताशकुरगन हवाई अड्डा 

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, ताशकुरगन(Tashkurgan) एयरपोर्ट के जरिए चीन(China) एक साथ कई देशों को अपने रडार में ले सकता है. ये एयरपोर्ट तजाकिस्तान, अफगानिस्तान(Afganistan) और पाकिस्तान(Pakistan) से सटा हुआ है.

पाकिस्तान(Pakistan) के अधिकृत कश्मीर(Kashmir) से ये एयरपोर्ट सटा हुआ है, लिहाजा साफ माना जा सकता है कि भारत पर दवाब बनाने के लिए इस एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है.

इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने पहली बार 2015 में खुलासा किया था कि पामीर पठार पर वो एयरपोर्ट का निर्माण करेगा. लेकिन अब 2022 आते आते ये निर्माण पूरा हो गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि ताशकुरगन(Tashkurgan) में एयरबेस बनने से चीन के नेतृत्व को काफी ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि चीन के हित अलग अलग इलाकों में फैले हुए हैं.

 

Leave a Reply