Burkina Faso में सैन्य तख्तापलट के बाद इब्राहिम ट्रोरे को बनाया गया नया राष्ट्रपति

Burkina Faso: पश्चिम अफ्रीकी (West Africa) देश बुर्किना फासो (Burkina Faso) में नौ महीने की अवधि में दूसरी बार तख्तापलट (Burkina Faso Coup) हो गया है. अब सैन्य तख्तापलट के बाद इब्राहिम ट्रोरे (Ibrahim Traore) को नया राष्ट्रपति घोषित किया गया है.

Burkina Faso में फौज ने पलटा था अपने ही तानाशाह का तख्त

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नौ महीने से भी कम समय में पश्चिम अफ्रीकी देश के दूसरे तख्तापलट के बाद, कप्तान इब्राहिम ट्रोरे (Ibrahim Traore) को बुधवार को बुर्किना फासो (Burkina Faso) का राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है. पूर्व में  राष्ट्रपति का पद संभाल रहे लेफ्टिनेंट कर्नल पॉल हेनरी सैंडाओगो डैमीबा (Lt. Col. Paul Henri Sandaogo Damiba) को उनके पद से हटा दिया गया था.  फरवरी में सैन्य तख्तापलट के जरिए बुर्किना फासो के राष्ट्रपति को हटाया गया था.

कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है की, उन्होंने इस्तीफा दिया था. जिसकी कुछ शर्ते उन्होंने रखी थी. पहली शर्त थी की उनको सुरक्षा प्रदान की जाएगी. और दुसरी की मुल्क में शांति बनी रहेगी. WION में छपी एक खबर के मुताबिक, बुर्किना फासो (Burkina Faso) एक बढ़ते इस्लामी विद्रोह से जूझ रहा है.

जानकारों का मानना है की, बुर्किना फासो (Burkina Faso) में जब सैन्य अधिकारी थॉमस शंकरा ने 1983 में सत्ता संभाली थी तब उसके कुछ समय बाद उनको  मार दिया गया था. ऐसा बताया जाता है की यह कोई पहली बार नहीं है जब बुर्किना फासो में सैन्य तख्तापलट हुआ है. तख्तापलट की कोशिशें 1966, 1980, 1982, 1983, 1987, 1989, 2015 में भी हो चुगी हैं.

फ्रांस बुर्किना फासो की राजनीती में दे रहा दखल

रायटर्स की रिपोर्ट की माने तो, राष्ट्रपति इब्राहिम ट्रोरे (Ibrahim Traore) के समर्थकों ने फ्रांस पर आरोप लगाया है की, फ्रांस बुर्किना फासो पूर्व राष्ट्रपति लेफ्टिनेंट कर्नल पॉल हेनरी सैंडाओगो डैमीबा को पनाह दे रही है. राष्ट्रपति इब्राहिम ट्रोरे (Ibrahim Traore) के समर्थकों का कहना है की फ्रांस बेवजह हमारी राजनीती में दखल दे रहा है. हालाँकि, इस बात को फ्रांस ने सिरे से नकार दिया है.

सैंडाओगो डैमीबा पर कई वक़्त से आरोप लग रहें हैं की, इस्लामिक चरमपंथियों की बढ़ती हिंसा से नाकाम रहे है. सोशल मीडिया पर कई ऐसे विडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें दिखाया जा रहा है की फ्रांसीसी दूतावास के कैंपस में आग की लपते उठ रहीं हैं.

बता दें की, बुर्किना फासो में सेना ने जनवरी के आखिरी सप्ताह में भी तख्तापलट करके राष्ट्रपति रोच काबोरे को हटा दिया था. इसके बाद लेफ्टिनेंट कर्नल पॉल हेनरी सैंडाओगो डैमीबा ने कार्यकाल संभाला था. सैंडाओगो डैमीबा ने हाल ही में न्यूयॉर्क की यात्रा की थी. जहाँ पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया था. लेकिन फिर से सैन्य तख्तापलट में उनको भी हटा दिया गया है.

वैसे वहां के कुछ लोगों ने इस तख्तापलट का विरोध भी किया है. बता दें की संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियों गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा है की ,

“महासचिव हथियारों के बल पर सत्ता पर कब्जा करने के किसी भी प्रयास की कड़ी निंदा करते हैं और सभी नेताओं से हिंसा से परहेज करने और संवाद से काम लेने आह्वान करते हैं.”

 

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