Delhi-NCR में सांस लेना हुआ और भी मुश्किल, Noida में भी लगी पाबंदियाँ, स्कूल भी हुए बंद

Delhi-NCR: दिल्ली में वायु गुणवत्ता शुक्रवार (4 नवंबर) की सुबह गंभीर श्रेणी में पहुँच गई है. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में प्रदूषण के चलते लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है. हर तरफ सिर्फ धुंध छाई है. नोएडा का भी हाल बेहाल है. SAFAR (सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च) इंडिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नोएडा का AQI 562 पहुँच गया है.

Delhi-NCR में छाई हर तरफ धुंध

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR), नोएडा, गुड़गांव तीनों ही जगह लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है. दिवाली के बाद से दिल्ली रीजन का AQI तेज़ी बढ़ रहा है. लोग लगातार सरकार को टारगेट कर रहें हैं.

गुड़गांव का AQI 539 पहुँच गया है. वहीँ नोएडा का AQI 562 हो गया है. वैसे तो वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) 0 से 100 तक अच्छा माना जाता है. जबकि 100 से 200 तक मध्यम, 200 से 300 तक खराब, और 300 से 400 तक इसे बहुत खराब और 400 से 500 या इससे ऊपर के स्तर पर माना जाता है. गंभीर माना जाता है.

दिवाली के बाद से दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) क्षेत्र वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है. हर साल, सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ, जहरीला स्मॉग राजधानी और एनसीआर क्षेत्र को घेर लेता है यह स्मॉग कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड और अन्य पदार्थों से भरा होता है. प्रदूषण के मानव शरीर को प्रभावित करने के कई स्तर हैं.

प्रदूषण में पराली का भी है अहम योगदान

SAFAR (सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च) ने शुक्रवार को कहा है कि दिल्ली के पार्टिकुलेट मैटर (PM) 2.5 प्रदूषण में पराली जलाने से 34 फीसदी का योगदान है. दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) के लोगों ने धुंध और वायु प्रदूषण के कारण दम घुटने लगा है और साथ ही आंखों में जलन भी होने लगी है.

बता दें की, इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) में भीषण स्मॉग की जांच के लिए आगे आने और कदम उठाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली में वाहनों के चलने के लिए ओड-इवन नियमों को लागू करने पर भी विचार कर रही है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रदूषण को लेकर की प्रेस कांफ्रेंस

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आप (AAP) की सरकार पंजाब और दिल्ली में है. यह समय उंगली उठाने या एक-दूसरे को गाली देने का नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि अगर वे कहते हैं कि केजरीवाल जिम्मेदार हैं और हम कहते हैं कि वे जिम्मेदार हैं. तो इससे एनसीआर में धुंध की समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने कहा, “हम दोषारोपण का खेल नहीं खेलना चाहते, हम जिम्मेदार हैं एनसीआर में धुंध के लिए.”

अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया. इसके साथ ही पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ऐलान किया कि 50 फीसदी सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने की इजाजत है.

 

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