Brazil के राष्ट्रपति Bolsonaro ने चुनाव परिणामों पर खड़े

Brazil: ब्राजील (Brazil) के कड़े मुकाबले में वामपंथी प्रतिद्वंद्वी लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा से हारने के बाद, ब्राजील (Brazil) के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने चुनाव को चुनौती दी है. CNN न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि बोलसोनारो के समर्थकों ने देश के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट (TSE) में शिकायत दर्ज कर चुनाव परिणामों के सही न होने की बात कही है.

Brazil के राष्ट्रपति चुनाव परिणामों ने नहीं हैं संतुष्ट

CNN से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्राजील (Brazil) के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने पिछले महीने वामपंथी प्रतिद्वंद्वी लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा से हारने वाले चुनाव के परिणाम को कड़ी चुनौती दी है. बताया जा रहा है की, चुनाव में मिली हार के तीन सप्ताह से अधिक समय बाद मंगलवार को सॉफ्टवेयर संबंधी किसी दिक्कत (Bug) का हवाला देते हुए चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए हैं.

लिबरल पार्टी ने अदालत से कुछ वोटिंग मशीनों से मतपत्रों (ballots) को खारिज करने के लिए कहा है. लिबरल पार्टी का दावा है कि दूसरे दौर के दौरान समझौता किया गया था. अदालत ने अब पार्टी को अपनी याचिका में संशोधन करने के लिए 24 घंटे का समय दिया है.

अक्टूबर में लूला ने जीता था चुनाव

ताकि पहले दौर के मतदान को शामिल किया जा सके. लूला, एक वामपंथी डेमोक्रेट (leftist democrat) ने अक्टूबर में ब्राजील (Brazil) का राष्ट्रपति चुनाव जीता था. एक कड़े मुकाबले वाले चुनाव में धुर-दक्षिणपंथी (incumbent far-right ) राष्ट्रपति जय बोल्सोनारो को हराया था.

Brazil के राष्ट्रपति Bolsonaro ने चुनाव परिणामों पर खड़े
Brazil के राष्ट्रपति Bolsonaro ने चुनाव परिणामों पर खड़े

बोल्सनारो के गठबंधन के अनुसार, 30 अक्टूबर को बोल्सनारो और लूला के बीच दूसरे दौर के रनऑफ़ में इस्तेमाल किए गए कुछ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग उपकरण ने खराबी के संकेत दिए थे. उन्होंने एक सॉफ्टवेयर बग को दोषी ठहराया और चुनाव अधिकारियों से ब्राजील (Brazil) के अधिकांश देश की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर डाले गए वोटों को रद्द करने की मांग की है.

बोलसोनारो ने सार्वजनिक रूप से चुनावी हार को स्वीकार नहीं की है

दर्ज की गयी शिकायत में यह आरोप लगाया गया है, “गंभीर विफलताओं के संकेत थे जो अनिश्चितता पैदा करते हैं. और सामने आए परिणामों को मान्यता देना गलत है.” नतीजतन, उन्होंने आग्रह किया कि उन मॉडलों के वोट अमान्य करार देना चाहिए.

CNN की अधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, अपने मंत्रिमंडल को राष्ट्रपति के परिवर्तन की योजना बनाने की अनुमति देने के बावजूद बोलसोनारो ने सार्वजनिक रूप से चुनावी हार को स्वीकार नहीं किया है.

हालांकि, लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा की जीत को सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट (TSE) द्वारा हरी झंडी दिखाई गयी है. और ब्राजील के प्रमुख राजनेताओं द्वारा स्वीकार किया गया है. यह संभावना बहुत कम है की परिणाम बदले जाएंगे. लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा की जीत को आश्चर्यजनक वापसी के रूप में देखा गया क्योंकि वह 2018 में पिछले राष्ट्रपति चुनाव में भाग नहीं ले सके क्योंकि वह जेल में थे और सार्वजनिक कार्यालय से प्रतिबंधित थे.

यह बताया जा रहा है की प्रदर्शन के लिए कई लोग इक्कठा हो सकते हैं. देश के सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट के अनुसार, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के 49.1 प्रतिशत की तुलना में लूला ने 50.9 प्रतिशत वोट हासिल किए हैं. रॉयटर्स ने बताया की, लूला की वर्कर्स पार्टी (PT) के अध्यक्ष ग्लीसी हॉफमैन ने बोलसोनारो की चुनावी शिकायत को धोखाधड़ी बताया है.

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