Boris Johnson: ब्रिटिश पीएम को क्यों करना पड़ा अपनी ही पार्टी के अविश्वास प्रस्ताव का सामना

बोरिस जॉनसन(Boris Johnson) ने सोमवार को विश्वास मत जीत लिया. अविश्वास प्रस्ताव उन्हीं की सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी (Conservative Party) के सांसद लाए थे. जॉनसन(Boris Johnson) ने अपने 59% सांसदों का समर्थन हासिल किया. कुल 359 सांसदों में से 211 के वोट उन्हें मिले.

जॉनसन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव क्यों आया?

जॉनसन(Boris Johnson) का इस साल का अधिकांश समय कोविड(Covid-19) लॉकडाउन के दौरान पार्टी करने के आरोपों और विपक्ष के हमलों से अपनी सरकार का बचाव करने में बीता है. पार्टीगेट स्कैंडल को लेकर लंबे समय से उनकी सरकार दबाव में थी. कोरोना(Covid-19) के कड़े प्रतिबंधों के बीच भी उन्होंने और उनके स्टाफ ने प्रधानमंत्री निवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर कई ऐसी पार्टी आयोजित कीं, जिन्होंने कोरोना नियमों का उल्लंघन किया. इसके लिए पुलिस ने उन पर जुर्माना भी लगाया था.

इसके अलावा, उनकी पार्टी के कई सांसद सरकार से इस बात पर नाराज थे कि वे सरकार की कंट्रोवर्शियल नीतियों का बचाव करते थे और सरकार बाद में नीतियों में बदलाव कर देती थी. इन्हीं वजहों से पार्टी के सांसद जॉनसन(Boris Johnson) को प्रभावी नेता के तौर पर नहीं देख पा रहे हैं. अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद से उनके उत्तराधिकारी की चर्चा शुरू हो गई थी. मीडिया में चर्चा थी कि अगर बोरिस(Boris Johnson) की कुर्सी गई तो उनके करीबी चार नेताओं में से कोई एक PM बन सकता है.

अविश्वास  प्रस्ताव लाने के लिए क्या हैं नियम

नियम के मुताबिक अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए पार्टी के 15 फीसदी सांसदों का इसके पक्ष में होना जरूरी है. इस वक्त कंजरवेटिव पार्टी(Conservative Party) के 359 सांसद हैं. यानी इस अविश्वास को लाने के लिए 54 सांसदों की जरूरत थी. अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों ने ग्राहम ब्रैडी को पत्र लिखा था. ब्रैडी 1922 कमेटी के प्रमुख हैं, जो कंजरवेटिव सांसदों का एक ताकतवर समूह है. खत लिखने वालों में कंजरवेटिव पार्टी( Conservative Party) के वो सांसद शामिल थे जो फिलहाल सरकार में किसी पद पर नहीं हैं.

बता दें की, 2019 में लीडरशिप के लिए इस तरह का चुनाव हुआ था. तब 10 उम्मीदवार मैदान में थे. पहले चरण की वोटिंग के बाद बोरिस जॉनसन(Boris Johnson) और पूर्व स्वास्थ्य सचिव जेरेमी हंट दो उम्मीदवार बचे. दूसरे चरण में जब पार्टी के सदस्यों ने वोट डाले तब जॉनसन को दो तिहाई वोट मिले थे. कंजरवेटिव पार्टी( Conservative Party) के नेता का चुनाव होने के बाद चुना गया नेता नया प्रधानमंत्री बनता है.

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