Afganistan के स्कूल में हुआ बम ब्लास्ट, छात्रों सहित 15 की हुई मौत

Afganistan: एक स्थानीय अधिकारी के मुताबिक, उत्तरी अफगानिस्तान (Afganistan) के समांगन (Samangan) प्रांत में एक धार्मिक स्कूल में हुए बम विस्फोट में कई छात्रों सहित कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है. प्रांतीय प्रवक्ता एमदादुल्ला मुहाजिर ने कहा कि समांगन की राजधानी ऐबक में बुधवार को स्कूल में हुए विस्फोट में कम से कम 20 अन्य घायल हो गए हैं.

Afganistan में स्कूल में हुआ बड़ा हादसा

स्थाई मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान (Afganistan) के प्रांतीय प्रवक्ता एमदादुल्ला मुहाजिर ने कहा कि, “शहर के बीचोबीच जहदिया मदरसा के अंदर दोपहर करीब 12:45 बजे विस्फोट हुआ था. इस मदरसे में बहुत सारे छात्र पढ़ रहे थे.”

अधिकारिक प्रवक्ता मुहाजिर ने कहा कि जांच शुरू हो गई है. अफगानिस्तान (Afganistan) के संघीय आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नफी ताकोर ने विस्फोट की पुष्टि की है. लेकिन अब तक मरने वालों की संख्या 15 बताई गई है. जबकि अधिक घायल हुए हैं.

संघीय आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहीं ये बातें

संघीय आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नफी ताकोर ने आगे कहा की, “हमारे जासूस और सुरक्षा बल इस अक्षम्य अपराध के अपराधियों की पहचान करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए काम कर रहे हैं.”

Afganistan के स्कूल में हुआ बम ब्लास्ट, छात्रों सहित 15 की हुई मौत
Afganistan के स्कूल में हुआ बम ब्लास्ट, छात्रों सहित 15 की हुई मौत

अफगानिस्तान (Afganistan) की राष्ट्रीय राजधानी काबुल से लगभग 200 किमी उत्तर में ऐबक में एक डॉक्टर ने कहा कि हताहतों में ज्यादातर युवा थे. समाचार एजेंसी AFP को एक स्थाई आदमी ने बताया की, “जिनके साथ यह हुआ है वो सभी बच्चे और आम लोग हैं.” सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली फोटो और वीडियो में देखा जा सकता है की जिस तरह से इमारतें गिरी हैं. और लोग कैसे हताहत हुए हैं.

विडियो में दिखा ब्लास्ट के बाद का माहौल

आगे विडियो में प्रार्थना मैट, टूटे शीशे और अन्य मलबा बिखरा पड़ा दिखाई दे रहा था. ऐबक एक छोटी लेकिन प्राचीन प्रांतीय राजधानी है. जो चौथी और पांचवीं शताब्दी के दौरान व्यापारियों के लिए एक कारवां-रोकने वाली पोस्ट के रूप में प्रमुखता से आई थी. यह एक महत्वपूर्ण बौद्ध केंद्र भी था.

अफगानिस्तान के अमेरिकी विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले ओबैदुल्लाह बहीर ने मीडिया को बताया कि हमले से लोग सहम गए हैं. आगे उन्होंने कहा है की, “यह बहुत ही मूर्खतापूर्ण है. इनमें से अधिकांश लोग, जो हताहत हुए हैं. जो की बच्चे हैं. यह एक धार्मिक विद्यालय है.” आगे उन्होंने कहा की, “यह सिर्फ डर फैलाने के लिए किया गया है. यह दिखाने के लिए है कि कोई भी सुरक्षित नहीं है.”

पहले भी हो चुगे हैं ऐसे हमले

पिछले अक्टूबर में उत्तरी कुंदुज़ प्रांत में एक मस्जिद में हुए विस्फोट में कम से कम 60 लोग मारे गए थे. कुछ दिनों बाद कंधार प्रांत में एक मस्जिद को निशाना बनाया गया. उस हमले में कम से कम 65 लोग मारे गए थे.

अप्रैल में राजधानी काबुल में एक माध्यमिक विद्यालय में हुए विस्फोट में छह लोग मारे गए थे. उसी महीने बल्ख प्रांत में आईएसआईएल (ISIL) के हमले में कम से कम 31 लोग मारे गए थे. सितंबर में काबुल में एक आत्मघाती हमलावर ने छात्राओं को निशाना बनाया, जिसमें 50 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें से कई छात्र थे.

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