Bilawal Bhutto ने पीएम मोदी के लिए इस्तमाल किए अभद्र शब्द, MEA ने दी तीखी प्रतिक्रिया

Bilawal Bhutto: आतंकवाद के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में भारत-पाकिस्तान के बीच शुक्रवार को हुए वाकयुद्ध का जोरदार विरोध हुआ और विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. पार्टी ने कहा कि बिलावल भुट्टो की टिप्पणी के खिलाफ भाजपा शनिवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी.

Bilawal Bhutto के शब्दों की हो रही कड़ी निंदा

हिंदुस्तान टाइम्स से मिली जानाकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी (Bilawal Bhutto) द्वारा 9/11 के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को शरण देने वाले देश पर भारत की पिछली टिप्पणी के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने के एक दिन बाद, नई दिल्ली ने शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

एक आधिकारिक बयान में, विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि. “पाकिस्तान के विदेश मंत्री 1971 में इस दिन को स्पष्ट रूप से भूल गए हैं. जो जातीय बंगालियों और हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तानी शासकों द्वारा किए गए नरसंहार का प्रत्यक्ष परिणाम था.”

उन्होंने आगे कहा कि, “ऐसा लगता है कि पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार में बहुत अधिक नहीं बदला है. और यह कि लोकतंत्र की जननी, भारत पर आक्षेप लगाने की साख की कमी है.”

Bilawal Bhutto ने पीएम मोदी के लिए इस्तमाल किए अभद्र शब्द, MEA ने दी तीखी प्रतिक्रिया
Bilawal Bhutto ने पीएम मोदी के लिए इस्तमाल किए अभद्र शब्द, MEA ने दी तीखी प्रतिक्रिया

Bilawal Bhutto ने प्रधानमंत्री मोदी को कहा कसाई

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) जो संयुक्त राष्ट्र की बैठकों में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क में थे. उन्होंने (Bilawal Bhutto) कहा था की, “मैं भारत को बताना चाहता हूं कि ओसामा बिन लादेन मर चुका है. लेकिन गुजरात का कसाई जीवित है और वह भारत का प्रधानमंत्री है.”

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) आगे कहा कि, “पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने तक उनके इस देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह आरएसएस (RSS) के प्रधानमंत्री और आरएसएस के विदेश मंत्री हैं. आर एस एस (RSS) क्या है? आरएसएस हिटलर के ‘एसएस’ (SS) से प्रेरणा लेता है.”

भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाए उसके बुरे कर्म

बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत द्वारा पाकिस्तान पर निशाना साधे जाने के बाद यह बयान आया कि जिस देश ने अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन की मेजबानी की और पड़ोसी संसद पर हमला किया. उसके पास संयुक्त राष्ट्र के शक्तिशाली अंग में उपदेश करने की साख नहीं है.

बता दें की, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की टिप्पणी पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) द्वारा सुधारित बहुपक्षवाद (multilateralism) पर परिषद की बहस में बोलते हुए कश्मीर मुद्दे को उठाए जाने के बाद आई थी.  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बयान में कहा था की,

“आतंकवादी संगठनों को प्रायोजित करने, आश्रय देने और वित्त पोषण करने में पाकिस्तान की निर्विवाद भूमिका जांच के दायरे में है.” और कहा कि “भुट्टो का असभ्य प्रकोप आतंकवादियों और उनके उपयोग करने में पाकिस्तान की बढ़ती अक्षमता का परिणाम प्रतीत होता है.”

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