September 25, 2022
Bihar के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफ़ा

Bihar के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफ़ा

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Bihar: बिहार में लम्बे समय से सियासी घमासान चल रहा था. ऐसे कयास लगाए जा रहे थे की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है. लेकिन आज बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बात पर मुहर लगा दी और अपने इस्तीफे का एलान भी कर दिया.

नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफ़ा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीतीश कुमार ने इस्तीफ़ा दे दिया है. सभी अटकलों के चलते अब ये साफ़ हो गया है की, नीतीश कुमार और भाजपा में अन बन काफ़ी समय से बनी हुई थी. नीतीश कुमार ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपमानित किया. उन्होंने भाजपा पर कई बड़े आरोप लगाए.

बता दें की, बिहार के सीएम पद से नीतीश कुमार के इस्‍तीफे के बाद बीजेपी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.  बिहार बीजेपी प्रमुख संजय जायसवाल ने कहा है की,

“हमने एनडीए के अंतर्गत 2020 का विधानसभा चुनाव साथ लड़ा था. जनादेश जेडीयू और बीजेपी के लिए था. हमने ज्‍यादा सीटें जीती थीं लेकिन नीतीश कुमार को सीएम बनाया. आज जो कुछ हुआ है,वह बिहार के लोगों और बीजेपी के साथ धोखा है.”

अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह जेडीयू विधायकों और सांसदों की बैठक के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया था. बिहार (Bihar) में काफी लम्बे समय से सियासी घमासान मचा हुआ था. लेकिन आज सब कुछ स्पष्ट हो गया.

मंगलवार सुबह जेडीयू विधायकों और सांसदों की बैठक के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया था. इसके बाद नए गठबंधन के विधायक दलों की बैठक शुरू हुई. इसमें नीतीश कुमार को महागठबंधन के विधायक दल का नेता चुना गया है.

क्यों हुए नीतीश और भाजपा के रास्ते अलग

जानकारों का कहना है कि यूं तो बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान और नतीजों के तुरंत बाद से ही नीतीश कुमार कुछ खफा-खफा नज़र आने लगे थे. ऐसा बताया जा रहा है की, बीजेपी-जेडीयू गठबंधन की सबसे बड़ी वजह है बीजेपी द्वारा पटना में अपने विभिन्‍न मोर्चों की संयुक्‍त राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक.

इस बैठक ने नीतीश कुमार और भाजपा के बीच ज़हर घोलने का काम किया है. जानकारों का मानना है की, 200 विधानसभा सीटों के लिए रूपरेखा तैयार कर रही भाजपा  से नाराज़ चल रहे थे नीतीश. दुसरी सबसे बड़ी वजह है नीतीश कुमार के बीजेपी छोड़ने की, विधानसभा में स्‍पीकर विजय कुमार सिन्‍हा से नीतीश कुमार की तीखी बहस होना है. इसके बाद आरसीपी सिंह प्रकरण ने आग में घी डालने का काम किया.

आज 2017 जैसे हैं हालात

दैनिक जागरण में छपी एक खबर के मुताबिक, आज बिहार और देश के लिए 2017 जैसे हालात हो गए है. 2017 को यहां याद करना इसलिए भी जरूरी है. क्योंकि आज के हालात कुछ वैसे ही हैं. 2017 में एक दिन नीतीश कुमार ने अचानक ही मन बना लिया और  राजभवन जाकर इस्तीफा सौंप दिया था.

बता दें की, उस वक्त जदयू बिहार के महागठबंधन का हिस्सा थी. उस गठबंधन में जदयू के साथ राजद, कांग्रेस जैसे दल थे. सरकार ने 2017 में अपना दो वर्ष का कार्यकाल भी करीब-करीब पूरा कर लिया था. तेजस्वी उस सरकार में उप मुख्यमंत्री थे. जबिक लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप मंत्री थे.

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