September 25, 2022
टाटा समूह के हाथों में आकर AIR INDIA में हुआ बड़ा सुधार

टाटा समूह के हाथों में आकर AIR INDIA में हुआ बड़ा सुधार

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नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी में टाटा समूह द्वारा राष्ट्रीय एयरलाइन AIR INDIA का पूर्ण नियंत्रण लेने के बाद एयर इंडिया के प्रमुख परिचालन मापदंडों में सुधार हुआ है.

80 प्रतिशत लोड फैक्टर किया गया दर्ज

इस साल के शुरुवाती महीने में टाटा ग्रुप ने राष्ट्रीय एयरलाइन को पूरी तरह से खरीद लिया था. जिसके बाद से एयर इंडिया (AIR INDIA) को काफ़ी फायदा हुआ है. एयर इंडिया के यात्री स्थानीय कारक (PLF) में सबसे महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है. फरवरी से जून तक, एयर इंडिया ने अपनी घरेलू सेवाओं पर प्रभावशाली 80 प्रतिशत लोड फैक्टर दर्ज किया है.

पिछले साल जब यह सरकारी नियंत्रण में थी. तब इसका घरेलू पीएलएफ 60 फीसदी था. 2021 में, इसने 68 प्रतिशत पीएलएफ का प्रबंधन किया. यह कई मायनों में 2019 के पीएलएफ स्तरों पर वापसी है.

इसके पास इंडिगो, स्पाइसजेट और गोफर्स्ट जैसे अपने प्रतिस्पर्धियों के साथ पकड़ने के लिए अभी भी कुछ रास्ता है. जो टाटा के स्वामित्व वाली एयरलाइन की तुलना में अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग करते हैं.

बता दें की, जनवरी में अधिग्रहण के बाद पीएलएफ का अंतरराष्ट्रीय परिचालन पिछले साल के 63 फीसदी से बढ़कर 80 फीसदी हो गया. एयर इंडिया इसे अधिक बाजार हिस्सेदारी में तब्दील करने में सक्षम नहीं है. जून में, इसकी घरेलू बाजार हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत थी. जो जनवरी में विरासत में मिली 10 प्रतिशत की तुलना में काफी कम थी.

18000 करोड़ में बिका बिकी AIR INDIA

बता दें की, एयर इंडिया के लिए सरकार ने टाटा ग्रुप की बोली को मंजूरी दी थी. टाटा ग्रुप ने18000 करोड़ में एयर इंडिया को खरीदा था. अब सिर्फ देश में सिर्फ चार एयरलाइन्स कंपनी बचीं हैं जिनमें इंडिगो, टाटा ग्रुप की AIR INDIA , स्पाइसजेट और गोफर्स्ट शामिल हैं.

OAG डेटा के मुताबिक, दिल्ली देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा. टाटा ग्रुप पहले से दो एयरलाइन AirAsia India और Vistara का संचालन कर रहा है. और इसके साथ अब एयर इंडिया भी शामिल हो गया था.

जानकारी के लिए बता दें की, अभी परिचालन से कंपनी का कुल राजस्व सालाना आधार पर 3,249 करोड़ रुपये (YoY) की तुलना में बढ़कर 8,961 करोड़ रुपये हो गया. Q1FY23 में कंपनी के दूसरे सबसे अच्छे तिमाही राजस्व को एक मजबूत उत्सव की मांग के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.

जो Q1FY21 और Q1FY22 की दो कोविड बाधित अवधि के बाद आया था. आभूषण व्यवसाय ने FY23 की पहली तिमाही में 7,600 करोड़ रुपये की आय दर्ज की है. जबकि Q1 FY22 में 2,467 करोड़ रुपये की तुलना में, 208% की वृद्धि हुई है.

इस लिए एयर इंडिया को बेचा था सरकार ने

एयर इंडिया (Air India) को बेचने के लिए सरकार ने कुछ शर्ते रखीं थीं. पहली शर्त थी की, एयर इंडिया पर इस वक्‍त करीब 80 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. खरीदार को इसमें से 3.26 बिलियन डॉलर का कर्ज खुद चुकाना होगा.

एयर इंडिया (Air India) पिछले 10 साल से घाटे में चल रही थी. 2012 में सरकार को इसे 4.5 बिलियन डॉलर का बेलआउट पैकेट देना पड़ा था. सेंटर ऑफ एशिया पैसिफिक एविएशन के अनुसार, एयर इंडिया को अगले दो साल में कम से कम 2 बिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता था. इसलिए सरकार ने एयर इंडिया को बेचने का फैसला किया था.

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