September 25, 2022
BCCI: सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर के अब खिलाड़ियों की उम्र का पता लगाएगा भारतीय क्रिकेट बोर्ड

BCCI: सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर के अब खिलाड़ियों की उम्र का पता लगाएगा भारतीय क्रिकेट बोर्ड

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बीसीसीआई (BCCI) प्रायोगिक आधार (Software) पर मौजूदा TW3 पद्धति के साथ उम्र धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए एक सॉफ्टवेयर का उपयोग करेगा. जिसका उद्देश्य लागत को 80 प्रतिशत तक बचाना होगा.

बता दें की, बीसीसीआई (BCCI) जिसकी उम्र (Age) धोखाधड़ी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है. वर्तमान में उम्र निर्धारण के लिए TW3 पद्धति (बाएं हाथ Left Hand और कलाई के एक्स-रे X-ray पर आधारित) का उपयोग करता है.

BCCI ने उठाया ये कदम

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, आज के समय में BCCI प्रति हड्डी परीक्षण की लागत 2400 रुपये पड़ती है. और इसमें समय भी अधिक लगता है. लगभग 3 से 4 दिन का. ऐसा बताया जा रह है की, बोनएक्सपर्ट सॉफ्टवेयर (Bonexpert Software) का प्रस्तावित उपयोग तात्कालिक परिणाम देगा और इसकी लागत केवल 288 रुपये होगी.

BCCI ने पूरी प्रक्रिया की जानाकरी देते हुई बताया है की,

“एक्स-रे को स्वतंत्र बीसीसीआई पर्यवेक्षक की उपस्थिति में एक्स-रे केंद्र में राज्य संघों के संबंधित गृह केंद्रों पर लिया जाता है और बीसीसीआई एवीपी विभाग को भेजा जाता है. बीसीसीआई एवीपी विभाग उन्हें एक उचित प्रारूप में मिलाता है.और हड्डी की उम्र की व्याख्या के लिए इसे बीसीसीआई पैनल के दो (2) स्वतंत्र रेडियोलॉजिस्ट को भेजता है. रिपोर्टिंग में भी समय लगता है, क्योंकि हमारे पास 38 संघों की रेटिंग करने वाले लगभग 4 रेडियोलॉजिस्ट हैं. और प्रत्येक रेडियोलॉजिस्ट लगभग 8-9 संघों की व्याख्या करता है.”

बता दें की, एक दिन से तीन से चार दिनों के बीच किसी भी समय को सलाहकारों से उन पर काम के बोझ और खिलाड़ियों की संख्या के आधार पर संघों की रिपोर्टिंग प्राप्त करने में लग सकता है. पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग दो महीने लगते हैं.

BCCI का कहना है की, हम रेडियोलॉजिस्ट द्वारा एक्स-रे की मैन्युअल व्याख्या की हमारी पारंपरिक पद्धति के साथ-साथ परीक्षण के आधार पर इस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करने का प्रस्ताव कर रहे हैं.

“हम पुराने तरीके से संतुष्ट हैं फिर भी…”- BCCI

अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, BCCI ने आगे कहा की, हालांकि हम अपने डेटाबैंक में सीमित संख्या में एक्स-रे पर चल रहे परीक्षण डेटा से संतुष्ट हैं, फिर भी हम काम से पूरी तरह संतुष्ट होने के लिए सभी संघों में बड़ी संख्या में एक्स-रे (लगभग 3800) के साथ एक परीक्षण चलाना चाहते हैं. ऐसा बताया जा रहा है की, आयु वर्ग के स्तर पर देश भर में उम्र धोखाधड़ी बड़े पैमाने पर हो रही है.

जून 2019 में, जम्मू और कश्मीर के तेज गेंदबाज रसिख आलम को गलत जन्म प्रमाण पत्र जमा करने का दोषी पाए जाने के बाद दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था. BCCI का कहना है की, अंडर-19 (Under-19) विश्व कप स्टार मनजोत कार्ला, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली के बल्लेबाज अंकित बावने उन क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्हें अपनी उम्र छुपाने का दोषी पाया गया है.

अगस्त 2020 में, BCCI ने पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए एक स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना (voluntary disclosure scheme) शुरू की थी. जिससे यह घोषित किया जा सके कि क्या उन्होंने अपनी जन्मतिथि में हेरफेर किया है. उम्र में धोखाधड़ी करने वाले सभी क्रिकेटरों, जिनमें वरिष्ठ पुरुष और महिलाएं शामिल हैं. उन पर बीसीसीआई द्वारा दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है.

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