September 25, 2022
Bangladesh का कपड़ा क्षेत्र बिजली संकट का कर रहा भयंकर सामना

Bangladesh का कपड़ा क्षेत्र बिजली संकट का कर रहा भयंकर सामना

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बांग्लादेश (Bangladesh) का कपड़ा उद्योग, चीन के बाद दुनिया का नंबर 2 निर्यातक है. धीमी वैश्विक मांग और घर पर ऊर्जा संकट से दोहरी मार झेल रहा है. फैशन ब्रांड टॉमी हिलफिगर (Tommy Hilfiger) की मूल कंपनी पीवीएच कॉर्प और इंडिटेक्स एसए की जारा की आपूर्तिकर्ता प्लमी फैशन लिमिटेड ने जुलाई में नए ऑर्डर देख, जो एक साल पहले की तुलना में 20% कम है.

ऑर्डर मिलने में हो रही देरी

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रबंध निदेशक फजलुल हक का कहना है की, “यूरोपीय और अमेरिकी दोनों बाजारों में खुदरा विक्रेता या तो तैयार उत्पादों के शिपमेंट को टाल रहे हैं. या ऑर्डर में देरी कर रहे हैं. जैसा कि हमारे निर्यात स्थलों में मुद्रास्फीति बढ़ रही है. इसका हम पर गंभीर प्रभाव पड़ा है.”

घटते ऑर्डर अर्थव्यवस्था के लिए एक जोखिम हैं. जहां परिधान उद्योग (garment industry) सकल घरेलू उत्पाद का 10% से अधिक बनाता है और 4.4 मिलियन लोगों को रोजगार देता है.

यह बांग्लादेश (Bangladesh) के लिए बदतर समय में नहीं हो सकता था. क्योंकि अधिकारी यूक्रेन में युद्ध के कारण क्षेत्र-व्यापी ऊर्जा संकट के बीच ईंधन भंडार को संरक्षित करने के लिए उत्पादकता-हत्या बिजली कटौती का सहारा ले रहे हैं.

निर्बाध ऊर्जा (Uninterrupted energy) आपूर्ति समय पर उत्पादों को वितरित करने की कुंजी है. हम देश और विदेश में कई समस्याओं के संयोजन का सामना कर रहे हैं. जैसे ही ऊर्जा संकट आया, व्यवसाय करने की लागत बढ़ गई है. स्टैंडर्ड ग्रुप लिमिटेड, गैप इंक. और एचएंडएम हेनेस (H&M Hennes) एंड मॉरिट्ज़ एबी को आपूर्ति करने वाले प्रमुख निर्यातकों में से एक है.

 जनरेटर पर निर्भर है कंपनी

स्टैंडर्ड के अध्यक्ष अतीकुर रहमान का कहना है की,

“गाजीपुर के बाहरी इलाके में अपनी रंगाई और धुलाई इकाइयों को बिजली देने के लिए दिन में कम से कम तीन घंटे जनरेटर चलाना पड़ता है. जनरेटर से बिजली की लागत हमें राष्ट्रीय ग्रिड से मिलने वाली तीन गुना है क्योंकि डीजल महंगा है. बिजली की कमी के कारण हम अपनी रंगाई और धुलाई इकाइयों को बंद नहीं रख सकते. अगर हम ऐसा करते हैं, तो सारा कपड़ा बर्बाद हो जाएगा. इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले यूरो की कमजोरी है जो बांग्लादेश के निर्यात की अपील को मिटा रही है, जिसकी कीमत डॉलर में है.”

इसके अलावा रेनेसां कैपिटल के वैश्विक मुख्य अर्थशास्त्री चार्ली रॉबर्टसन ने कहा, “वस्त्र एक विवेकाधीन वस्तु (discretionary item) है. यदि यूरोप में आपका ऊर्जा बिल बढ़ रहा है. तो लोगों को विवेकाधीन खर्च में कटौती करनी होगी और कपड़े उन क्षेत्रों में से एक होंगे.”

कपड़ों का निर्यात गिरा

जानकारी के लिए बता दें की, वित्त वर्ष में जून 2020 तक कपड़ों का निर्यात पांच साल के निचले स्तर 27.95 बिलियन डॉलर तक गिर गया है. राष्ट्र ने देखा कि जून को समाप्त वर्ष में परिधान निर्यात रिकॉर्ड 42.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. जो कुल निर्यात का 82% था.

निर्यातकों को वॉलमार्ट इंक के पूरे साल के लाभ पूर्वानुमान में कटौती और कपड़ों की कीमतों को कम करने की अपनी प्रतिज्ञा से भी अशुभ संकेत दिखाई दे रहे हैं. जानकारों का मानना है की इसकी वजह है बांग्लादेश के पड़ोसी देश. उनका मानना है की, पड़ोसी देशो की वजह से अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में बांग्लादेश का यह हाल है.

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