राष्ट्रीय ग्रिड फेल होने से Bangladesh ने किया 7 घंटे ब्लैकआउट का सामना

Bangladesh: अधिकारियों ने कहा कि बांग्लादेश के राष्ट्रीय बिजली ग्रिड में खराबी ने देश के अधिकांश हिस्से को मंगलवार को ब्लैकआउट हो गया था. राजधानी ढाका में बाजार के दुकानदारों ने मोमबत्तियां जलाईं और रेस्तरां में भोजन करने वालों ने मोमबत्ती की रोशनी में तैयार खाना खाया.

Bangladesh में हुआ राष्ट्रीय ग्रिड फेल

बांग्लादेश (Bangladesh) पावर डेवलपमेंट बोर्ड ने बताया कि देश के 80 प्रतिशत हिस्से में दोपहर 2 बजे अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई. बांग्लादेश पूरी तरह से अंधेरे में चला गया. बांग्लादेश -में करीब 130 मिलियन लोग बिजली संकट का सामना किया.  बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के प्रवक्ता है कहना है की, इसका कारण फिलहाल अभी नहीं पता चला है. लेकिन जल्दी ही हम इसका पता लगा लेंगे.

उन्होंने कहा कि “इंजीनियर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि खराबी कहां और क्यों हुई और सिस्टम को बहाल करने में घंटों लग गए थे.” बिजली विभाग के प्रवक्ता शमीम हसन ने आगे कहा कि ढाका और अन्य बड़े शहरों में सभी बिजली प्लांट ठप हो गए और बिजली काट दी गई.

तकनीक मंत्री ज़ुनैद ने बताया कि राजधानी ढ़ाका में करीब 22 मिलियन लोग रहते हैं. सभी को ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा. हाल ही में,  स्थाई सरकार ने सभी डीजल से चलने वाले बिजली प्लांट के संचालन के लिए डीजल को सस्ता करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था. डीजल से चलने वाले बिजली प्लांट बांग्लादेश की बिजली उत्पादन का लगभग 6 प्रतिशत उत्पादन करते हैं. इसलिए उनके बंद होने से उत्पादन में 1500 मेगावाट तक की कटौती हो गई.

कपड़ा कारखाने कर रहे बिजली संकट का सामना

इस महीने की शुरुआत में, बांग्लादेश (Bangladesh) गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष फारुक हसन ने कहा कि, “स्थिति इतनी गंभीर है कि कपड़ा कारखाने अब दिन में लगभग चार से 10 घंटे बिजली के बिना काम कर रहे हैं.” बांग्लादेश में महंगाई भी आसमान छू रही है.

बांग्लादेश चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है. और यह हर साल कपड़ा निर्यात से अपनी कुल विदेशी मुद्रा का 80 प्रतिशत से अधिक कमाता है. पिछले महीने, एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank) ने एक रिपोर्ट में कहा था कि आने वाले समय में बांग्लादेश की आर्थिक वृद्धि चालू वित्त वर्ष में अपने पिछले पूर्वानुमान 7.1 प्रतिशत से धीमी होकर 6.6 प्रतिशत हो जाएगी.

युद्ध की वजह से बढ़ी बिजली की कीमत

रूस की तरफ से यूक्रेन पर आक्रमण के बाद दुनिया भर में बिजली की कीमतों में वृद्धि हुई है. रूस-यूक्रेन के युद्ध की वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. दुनिया भर में युद्ध के चलते संकट के बादल गहरा रहे हैं. बिजली  संकट अब धीरे-धीरे दुनिया भर में रफ़्तार पकड़ रहा है. न सिर्फ बिजली बल्कि भोजन की कीमतों में भी बढोतरी हुई है.

बीते महीने तो बांग्लादेश (Bangladesh) में बिजली का संकट इतना ज्यादा गहरा गया था की, सरकार को दफ्तरों और स्कूल के समय में कटौती करनी पड़ी थी. सरकार का कहना है कि सरकारी कार्यालय और बैंक अपने कार्यदिवसों को आठ घंटे से घटाकर सात घंटे कर देंगे. लेकिन निजी कार्यालयों को अपना कार्यक्रम निर्धारित करने की अनुमति होगी.

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