Bangladesh में अंग्रेजों के ज़माने से बने मंदिर की तोड़ी गई मूर्तियाँ

Bangladesh: बांग्लादेश (Bangladesh) में अंग्रेजों के ज़माने से एक हिन्दू मंदिर था लेकिन अब वो तोड़ा जा चुगा है. जानकारी के मुताबिक यह मंदिर औपनिवेशिक काल का था. कुछ अज्ञात लोगों ने मंदिर के एक देवता की मूर्ति तोड़ डाली.

Bangladesh में मूर्ति के हुए टुकड़े टुकड़े

समाचार पोर्टल bdnews24.com ने मंदिर समिति के अध्यक्ष सुकुमार कुंडा के हवाले से बताया कि बांग्लादेश (Bangladesh) के झेनैदाह जिले के दौतिया गांव में काली मंदिर के अधिकारियों ने शुक्रवार को मूर्ति के टुकड़े टुकड़े कर दिए और मूर्तियों का सिर मंदिर परिसर से आधा किलोमीटर दूर सड़क पर फेंक दिया.

मंदिर समिति के अध्यक्ष सुकुमार कुंडा ने बताया की अंग्रेजों के ज़माने ये मंदिर था. बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद के महासचिव चंदनाथ पोद्दार ने के मुताबिक घटना रात में झेनाइदाह के मंदिर में हुई.

हालांकि, प्रमुख ढाका विश्वविद्यालय के गणित के प्रोफेसर पोद्दार ने इसे एक अलग लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया, क्योंकि नवरात्रि पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के आयोजित किया गया था. झेनैदाह पुलिस के सहायक अधीक्षक अमित कुमार बर्मन ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है.

इस घटना को छोड़कर, इस साल पूरे बांग्लादेश में दुर्गा पूजा उत्सव शांतिपूर्वक मनाया गया है. पिछले साल की तुलना में इस साल सब कुछ अच्छा रहा. पिछले साल जब देश में दुर्गा पूजा समारोह के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा और झड़पों में कम से कम छह लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हो गए थे.

बांग्लादेश में रहते हैं इतने हिंदू

बता दें की, मुस्लिम बहुल बांग्लादेश की 16.9 करोड़ आबादी में हिंदुओं की संख्या करीब 10 फीसदी है. वैसे तो इस साल वहां पर सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया था. लेकिन अब ये घटना सामने आने के बाद से लोगों में गुस्सा है. वैसे तो बांग्लादेश और भारत के रिश्ते बहुत मजबूत हैं. भारत ने हमेशा बांग्लादेश के साथ रिश्ते जोड़ने की कोशिश की है. हाल ही प्रधानमंत्री मोदी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री से मिले भी थे. लेकिन बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक है.

बता दें की ऐसी ही एक घटना यूनाइटेड किंगडम में भी हो चुगी है. यूनाइटेड किंगडम में ईस्ट लीसेस्टर में एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी और उसके बाहर एक भगवा झंडा अज्ञात लोगों द्वारा गिरा दिया गया था. घटना का एक वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद लीसेस्टरशायर पुलिस ने जांच शुरू कर की थी.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में, काले कपड़े पहने एक व्यक्ति को लोगों के एक समूह द्वारा हूटिंग और जयकारे के बीच एक इमारत के ऊपर चढ़ते और भगवा झंडा खींचते देखा गया था.

त्यौहार के आस-पास होती हैं ऐसी घटनाए

लीसेस्टरशायर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया था और कहा था की, “हम मेल्टन रोड पर एक धार्मिक इमारत के बाहर एक व्यक्ति को झंडा खींचते हुए एक वीडियो के बारे में जानते हैं. ऐसा लगता है कि यह तब हुआ जब अधिकारी आस-पास के सार्वजनिक अव्यवस्था से निपट रहे थे. हम हिंसा या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करते हैं और घटना की जांच कर रहे हैं.”

ऐसी घटनाएं ज्यादातर किसी त्यौहार के आस पास ही होती हैं. जानकारों का कहना है की इन घटना के पीछे जिन लोगों का हाँथ है वो चाहते हैं की दो देशों के बीच धार्मिक भावना भड़के और तनाव की स्थिति पैदा हो.

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