September 25, 2022
Baghdad में हुई गोलियों की बौछार, बढ़ रही हिंसा

Baghdad में हुई गोलियों की बौछार, बढ़ रही हिंसा

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Baghdad: इराकी राजधानी में शिया धार्मिक नेता मुक्तदा अल-सदर के समर्थकों और उनके ईरान समर्थित विरोधियों के साथ-साथ इराकी सुरक्षा बलों के बीच लड़ाई जारी है. जिसमें कम से कम 30 लोग मारे गए हैं. ये युद्ध अब दिन पर दिन उग्र होता जा रहा है.

बगदाद के निवासी ने बताई ये बातें

Aljazeera से मिली जानकारी के मुताबिक, बगदाद (Baghdad) के निवासी मंगलवार को गढ़वाले ग्रीन ज़ोन से रुक-रुक कर गोलियों की आवाज़ और विस्फोटों की आवाज़ से जाग गए, एक ऐसा क्षेत्र जिसमें सरकारी इमारतें और विदेशी दूतावास हैं.

इराकी सेना ने कहा कि मिलिशिया लड़ाकों ने ग्रीन जोन में कई रॉकेट दागे थे. हिंसा शुरू होने के बाद सोमवार शाम सेना द्वारा कर्फ्यू की घोषणा के बाद सड़कें खाली हो गईं थीं. अल जज़ीरा के रिपोर्टर के मुताबिक,

“हम रात भर गोलियों की आवाज़ सुनते रहे हैं, मध्यम और हल्के हथियारों का इस्तेमाल किया गया है. हमने ग्रीन ज़ोन के अंदर कई विस्फोटों को भी सुना है. सी-रैम वायु रक्षा प्रणाली जो ग्रीन ज़ोन में अमेरिकी दूतावास से संबंधित है. यह स्पष्ट रूप से सुनी गई थी.”

आगे उन्होंने बताया की, “स्थिति बहुत तनावपूर्ण है और ऐसा लगता है कि तनाव कम करने के सभी प्रयास अभी तक विफल रहे हैं. इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए नजफ शहर में ग्रैंड मरजी [शिया धार्मिक नेतृत्व] से हस्तक्षेप करने के लिए कहा गया है.”

अल-सदर के समर्थक रिपब्लिकन पैलेस में जुटे थे. जिसमें इराकी सरकार का मुख्यालय है. साथ ही एक धरना भी है जहां प्रतिद्वंद्वी समन्वय फ्रेमवर्क एलायंस के समर्थक इकट्ठा हुए थे. अल-सदर ने दावा किया था कि वह पहले राजनीति से हट रहे थे.

इराकी राजधानी ने किया सबसे बुरे वक़्त का सामना

अल-सदर ने कई बार राजनीति से अपनी वापसी की घोषणा की, केवल बाद में पीछे हटने के लिए. जैसे ही रात हुई भारी लड़ाई छिड़ गई. इराकी राजधानी (Baghdad) ने वर्षों में सबसे खराब स्थिति देखी.

सुबह तक, इराकी सुरक्षा बलों ने कहा कि उन्होंने अल-सदर के समर्थकों को रिपब्लिकन पैलेस से बाहर कर दिया था. जबकि एक सूत्र ने अल जज़ीरा अरबी को बताया कि सरकारी अधिकारियों और सदरिस्ट्स और कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क एलायंस के नेताओं के बीच बातचीत हो रही है.

सदर संसदीय ब्लॉक के प्रमुख हसन अल-अथारी के अनुसार, अल-सदर ने खुद हिंसा और हथियारों के उपयोग समाप्त होने तक भूख हड़ताल शुरू कर दी है. बता दें की,  हिंसा एक राजनीतिक संकट की परिणति है जो अक्टूबर में संसदीय चुनावों के बाद शुरू हुई. जिसमें अल-सदर के समर्थक सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरे. लेकिन सरकार बनाने में असमर्थ रहे.

अल-सदर के समर्थकों ने संसद भवन पर बोला था धावा 

जानकारी के मुताबिक, अल-सदर ने जून में संसद से अपना ब्लॉक वापस ले लिया था. इससे पहले कि उनके समर्थकों ने जुलाई के अंत में संसद भवन पर धावा बोल दिया. ताकि सांसदों को एक नया प्रधान मंत्री चुनने से रोका जा सके.

धार्मिक नेता ने संसद को भंग करने का आह्वान किया है. इराकी सुप्रीम फेडरल कोर्ट को उस कॉल पर निर्णय पारित करने के लिए निर्धारित किया गया था,. लेकिन अब बैठक स्थगित होने की संभावना है. क्योंकि सभी राज्य संस्थान बंद हैं.

 

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