Iran के Ayatollah Khamenei ने कहा की, महसा आमिनी की मौत पर हो रहे विरोध का जिम्मेदार है अमेरिका और इजराइल

Ayatollah Khamenei:  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई(Ayatollah Ali Khamenei)  ने संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और इज़राइल (Israel) को ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन के लिए दोषी ठराया है. उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाया है की दोनों देश मिल कर ईरान (Iran) में ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जिसकी वजह से यहाँ की प्रगति रुक जाए और अफरा-तफरी का माहौल बन जाए.

Mahsa Amini की मौत के विरोध का कारण है अमेरिका और इजराइल

ANI से मिली अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई (Ayatollah Khamenei) ने पूरे मामले पर पहली बार बयान जारी किया और कहा की देश की इस हालत का ज़िम्मेदार अमेरिका और इजराइल है. बता दें की, पुलिस हिरासत में महसा आमिनी की मौत के बाद से देश में उसे न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन हो रहा है.

वैसे ह्यूमन राइट्स (IHR) एनजीओ के अधिकारिक आंकड़ों की माने तो अब तक प्रदर्शन में 92 लोगों की मौत हो चुगी है. ईरान में चल रहा विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र होता जा रहा है. हालाँकि, ईरानी नेता अभी तक इस पर चुप थे. लेकिन अब उनका बयान सामने आया है.

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई(Ayatollah Ali Khamenei) ने महसा अमीनी की मौत को दुखद घटना करार दिया और देश में चल रहे दंगों के लिए विदेशी साजिश (अमेरिका और इजराइल) को जिम्मेदार बताया है. उन्होंने अपने अधिकारिक बयान में कहा है की,

“मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि ये दंगे और यह असुरक्षा अमेरिका और कब्जे वाले नकली ज़ायोनी शासन [इज़राइल] और उनके द्वारा भुगतान किए जाने वाले और विदेशों में कुछ देशद्रोही ईरानियों की वजह से हुआ है.”

Ayatollah Khamenei ने Mahsa Amini की मौत पर दी ये प्रतिक्रिया

स्थाई मीडिया की माने तो, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई(Ayatollah Ali Khamenei) ने अपने अधिकारिक बयान में कहा की,

“युवती की मौत बेहद अफसोसजनक थी. इन कृत्यों को सही नहीं ठहरा सकता. ये बिल्कुल भी सामान्य और प्राकृतिक नहीं हैं. यह दंगा अमेरिका और इजरायल की ओर से सुनियोजित था. मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं इन दंगों और असुरक्षा के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ था. जिसमें उनके लिए भाड़े पर काम करने वालों और विदेशों में कुछ ईरानी गद्दारों ने उनकी मदद की. हमने कई दंगे देखे खासकर फ्रांस में, क्या अमेरिका ने उनमें से किसी में मदद मुहैया कराई?”

अयातुल्ला अली खामेनेई का मानना है की अमेरिका ने 2018 से ही यह ठान लिया था की, वो ईरान को बर्बाद कर देंगे. लेकिन हम अमेरिका और इजराइल की साजिश जानते हैं. इन दंगों के पीछे इन्ही देशों का हाँथ है.

जानकारी के लिए बता दें की, महसा आमिनी की मौत के चलते ईरान ने कई जगहों पर इंटरनेट सेवा को पूरी तरह से बंद कर रखा है. वहीँ विरोध में महिलाएं अपने बाल काट रहीं हैं और हिजाब जला रहीं हैं. बीते कुछ वक्त पहले तुर्की के एक सिंगर ने विरोध में महिलाओं का समर्थन करने के लिए ऑन स्टेज अपने बाल काटे थे. अब ईरान में यह विरोध उग्र होता जा रहा है. इसके साथ ही 150 देशों में भी महसा आमिनी की मौत को लेकर विरोध हो रहा है.

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