September 25, 2022
एशिया की सबसे अमीर महिला Yang Huiyan ने चीन की डूबती अर्थव्यवस्था की वजह से गवाई अपनी आधी संपत्ति

एशिया की सबसे अमीर महिला Yang Huiyan ने चीन की डूबती अर्थव्यवस्था की वजह से गवाई अपनी आधी संपत्ति

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Yang Huiyan एशिया की सबसे धनी महिला हैं. लेकिन चीन में संपत्ति संकट बढ़ता जा रहा है. चीन की अर्थव्यवस्था भी दिन पर दिन डूब रही है. आर्थिक संकट चीन को घेर रहा है. इसी बीच खबर आई है की एशिया की सबसे धनी महिला की संपत्ति घटकर 11 अरब डॉलर रह गई है, जो इस साल लगभग 24 अरब डॉलर थी.

 कौन हैं यांग हुइयान

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, 41 साल की यांग हुइयान  चीन की सबसे कम उम्र की महिला अरबपति हैं. मार्केटिंग में बैचलर डिग्री रखने वाली यांग को यह कंपनी उनके पिता से विरासत में मिली थी. ऑस्ट्रेलिया में भी उनका रियल एस्टेट का कारोबार है. साल 2005 में पिता यांग गुओकियांग ने उन्हें उत्तराधिकारी घोषित करते हुए अपने सारे शेयर उनके नाम कर दिए थे.

बता दें की, उनके (Yang Huiyan) पिता जिन्होंने 1990 के दशक में ग्वांगडोंग प्रांत के फोशान में कंपनी की स्थापना की थी. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, गार्डन के स्टॉक ने इस साल अपने आधे से अधिक मूल्य खो दिया है क्योंकि चीनी रियल एस्टेट क्षेत्र ने घर की कीमतों में गिरावट आई है.

सीएनएन के मुताबिक, यांग अपनी आधी से ज्यादा संपत्ति गंवाने के बावजूद एशिया की सबसे अमीर महिला बनी हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी कुल संपत्ति में गिरावट ने उनके और चीन में साथी महिला अरबपतियों के बीच धन की खाई को कम कर दिया है.  जिससे यांग फैन होंगवेई (Fan Hongwei) द्वारा धन के मामले में केवल 100 मिलियन अमरीकी डालर दूर हैं.

इतनी नेट वर्थ थी यांग की

अधिकारिक रिपोर्ट की माने तो, एशिया की सबसे धनी महिला यांग हुइयानी (Yang Huiyan) की टोटल नेट वर्थ 189 हजार करोड़ रुपये थी. बता दें की, चीन का रियल एस्टेट सेक्टर इन दिनों अत्यधिक कर्ज के चलते नकदी के संकट से जूझ रहा है. चीन के कई प्रांतों में बिल्डर किसानों को फल-सब्जियां आदि के बदले घर बेच रहे हैं.

वैसे बताया तो ये जा रहा है की, चीन की स्थिति का सबसे बड़ा ज़िम्मेदार कोरोना है. कोरोना के चलते चीन की आर्थिकस्थिति पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. अब ये बातें सामने आ रहीं है की, देशों को कर्ज देकर अपनी जाल में फंसाने वाले चीन के सामने खुद अपनी अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं.

अगर ऐसे ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब चीन में भी लोग भूख से जूझने लगेंगे. ‘बेल्ड एंड रोड इनिशिएटिव’ के चलते चीन ने अपनी इस योजना के लिए चीन ने देशों को भारी भरकम कर्ज दिया है। संदेह जताया जा रहा है कि शायद ये देश कर्ज वापस न कर पाएं.

क्या चीन भी हो रहा कंगाल

वैसे तो चीन के खास दोस्त पाकिस्तान की हालत पतली नज़र आ रही है. लेकिन सबको क़र्ज़ देने वाले चीन के दिन खुद क़र्ज़ लेने वाले होते जा रहे हैं. अधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के बैंकों ने साल 2020 और 2021 में 52 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया.

हालही में एक खबर सामने आई थी की चीन ने बैंकों के सामने टैंक तैनात कर दिए हैं. चीन की जनता को अपना ही पैसा नहीं निकालने दिया जा रहा है. चीन की हालत खराब होती नज़र आ रही है.

 

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