Arun Goel बने देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त

Arun Goel: गुजरात में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव से पहले सेवानिवृत्त अरुण गोयल (Arun Goel) को चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है. देश के शीर्ष चुनाव निकाय में तीसरा पद करीब छह महीने से खाली था.

पंजाब कैडर के अधिकारी Arun Goel को मिला शीर्ष पद

NDTV से मिली जानकारी के मुताबिक, कानून मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है, “राष्ट्रपति ने श्री अरुण गोयल (Arun Goel) आईएएस (सेवानिवृत्त) (पीबी: 1985) को चुनाव आयोग में चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया है. अब से वह पदभार ग्रहण करते हैं.” 1985 बैच के पंजाब कैडर के अधिकारी, अरुण गोयल मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे के साथ पोल पैनल में शामिल होंगे.

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र इस साल मई में राजीव कुमार को प्रभार सौंपते हुए सेवानिवृत्त हुए थे. पोल पैनल तब से दो सदस्यीय निकाय है. बता दें की, आने वाले महीनों में नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा और कर्नाटक के लिए चुनाव कार्यक्रम तय करते समय पोल पैनल के पास अपनी पूरी ताकत होगी.

Arun Goel बने देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त
Arun Goel बने देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त

हाल तक, अरुण गोयल (Arun Goel) भारी उद्योग सचिव (heavy industries secretary) थे और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय में भी काम कर चुके हैं. उन्हें 31 दिसंबर, 2022 को सेवानिवृत्त होना था. लेकिन उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (voluntary retirement ) 18 नवंबर से लागू हो गई है.

गुजरात चुनाव के पहले अरुण गोयल को नियुक्त किया गया मुख्य चुनाव आयुक्त

एक बार पद संभालने के बाद, अरुण गोयल (Arun Goel) फरवरी 2025 में राजीव कुमार के पद छोड़ने के बाद अगले मुख्य चुनाव आयुक्त बनने की कतार में भी शामिल हो गए हैं. नियुक्ति, सेवा शर्तों और चुनाव आयुक्तों की सेवानिवृत्ति से संबंधित कानून के अनुसार, एक व्यक्ति ईसी (EC) या सीईसी (CEC) का पद छह साल तक या 65 वर्ष की आयु तक संभाल सकता है. अरुण गोयल दिसंबर 2027 तक कार्यालय में रहेंगे.

वैसे चुनाव आयुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति की घोषणा तब की गई है जब अगले महीने ही गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. गुजरात में 1 दिसंबर से 5 दिसंबर के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं. वहीं, इसके नतीजे 8 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

गुजरात चुनाव की महत्वपूर्ण सीट का है ऐसा हाल

वही अगर अब गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 की बात करें तो बनासकांठा जिले में वडगाम निर्वाचन क्षेत्र विधानसभा की उत्सुकता से देखी जाने वाली विधानसभा सीटों में से एक है. क्योंकि विधायक जिग्नेश मेवाणी पहले यहां से 2017 के राज्य विधानसभा चुनावों में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जीते थे. अब इस साल कांग्रेस के दावेदार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. मेवाणी पिछले साल कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे और इस साल जुलाई में उन्हें राज्य का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.

वडगाम निर्वाचन क्षेत्र, अनुसूचित जाति (SC) समुदायों के लिए आरक्षित एक सीट है. जहां दलितों की बड़ी आबादी है. दलितों के अलावा, मुसलमान भी यहां के मतदाताओं का सबसे बड़ा हिस्सा हैं. इसके बाद ठाकोर, दरबार और चौधरी जैसे अन्य समुदाय हैं. कांग्रेस ने गुजरात में 1995 के बाद से चार बार सीट जीती है.

दिसंबर की शुरुआत में दो चरणों में होने वाले आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव में मेवाणी को कड़ी चुनावी लड़ाई का सामना करना पड़ेगा. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यहां से पुरानी पार्टी के मेवाणी के खिलाफ मणिलाल वाघेला को मैदान में उतारा है.

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