Apple ने लिया बड़ा फैसला, Iphone के बाद अब भारत में बनेंगे Airpods और Beats हेडफोन

Apple: ऐप्पल आपूर्तिकर्ताओं से एयरपॉड्स (AirPods) और बीट्स हेडफ़ोन (Beats headphone) को पहली बार भारत में बनाने के लिए कह रहा है. दक्षिण एशिया राष्ट्र के लिए यह एक जीत है. क्योंकि इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (global supply chain) में बढ़ोतरी होगी. इसके साथ अब ऐप्पल चीन पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता है. इसलिए अब वो भारत में धीरे-धीरे कर के प्रोडक्शन को बढ़ा रहा है.

Apple के इस फैसले से भारत को होगा फ़ायदा

Nikkei Asia की अगर रिपोर्ट्स की माने तो, एप्पल (Apple) के लिए शिपमेंट वॉल्यूम के मामले में एयरपोड्स आईफोन के बाद दूसरे स्थान पर है. बता दें की, मौजूदा वक़्त में एयरपॉड्स (AirPods) का प्रोडक्शन वियतनाम और चीन में हो रहा है.

जिसमें से सबसे ज्यादा बीट्स हेडफ़ोन (Beats headphone) का प्रोडक्शन वियतनाम में हो रहा है. इस साल भारत में ऐप्पल ने Iphone 13 को भी बनाना शुरू कर दिया था. ऐप्पल ने बताया है की भारत में निर्मित आईफोन को एक्सपोर्ट भी किया जाएगा. हालाँकि, अभी तक एक्सपोर्ट में भारत की इतनी हिस्सेदारी नहीं रही है.

जैसे की सरकार Make In India को बढ़ावा दे रही है. वैसे ही अब बाहरी कंपनी भी अपने प्रोडक्ट्स को भारत में बनाना चाहती हैं. हाल ही, में ऐप्पल ने भारत में आईफोन 14 के प्रोडक्शन के लिए मंजूरी दी थी.

बताया जा रहा है की, कंपनी आईफोन के प्रोडक्शन का एक बड़ा हिस्सा भारत सहित अन्य देशों में शिफ्ट कर रही है. Apple ने भारत में iPad टैबलेट्स की असेंबलिंग करने की योजना भी बनाई है.

ऐप्पल (Apple) का सबसे बड़ा  टारगेट है अब चीन पर अपनी निर्भरता को कम करना. इसलिए उसने चीन जैसे देश का साथ छोड़ कर अब भारत का हाँथ थामा है. अगर मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो ऐप्पल चीन की जीरो कोविड नीति से परेशान हो गया है. यह भी दावा किया जाता है की, ऐप्पल अब वियतनाम  सुर चीन से ज्यादा व्यापार के मामले में भारत पर भरोसा करता है.

चीन में होता है Apple प्रोडक्ट्स का इतना उत्पादन

बिजनेस स्टैण्डर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन में ऐप्पल के 90 फीसद प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन होता है. जानकारों का मानना है की ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच को तनातनी चल रही है इससे ऐप्पल का अब चीन में रहने से खतरा बढ़ गया है.

ऐसा भी माना जाता है की, चीन में ऐप्पल को ज्यादा फ़ायदा है. क्योंकि चीन में योग्य श्रमिकों की एक बड़ी तादात है. जो कई एशियाई देशों की आबादी से अधिक है. एपल ने चीन में स्थानीय सरकारों के साथ मिलकर काम किया है.

ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसके ठेकेदारों के पास प्लांट्स में आईफोन और दूसरी उपकरणों के निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि, लोग और अन्य सामानों की सप्लाई हो. जानकारी के लिए बता दें की, कंपनी ने 2017 में iPhone SE के साथ भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी.

वैसे ब्लूमबर्ग न्यूज की मंगलवार की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से आईफोन का निर्यात अप्रैल से पांच महीनों में 1 अरब डॉलर को पार कर गया है और मार्च 2023 तक 12 महीनों में 2.5 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.

 

 

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