गृह मंत्री Amit Shah ने कहा की, मतदाता सूची तैयार होने के बाद जम्मू-कश्मीर में होंगे चुनाव

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जैसे ही मतदाता सूची तैयार करने का काम पूरा होगा, जम्मू-कश्मीर में चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ होंगे.

गृह मंत्री Amit Shah ने कही ये बातें

स्थाई मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक,  अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन बारामूला में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा की,

“जैसे ही मतदाता सूची तैयार करने का काम पूरा होगा. जम्मू-कश्मीर में पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव होंगे. पहले प्रतिनिधियों को इस तरह से खड़ा किया जाता था कि केवल तीन परिवारों के प्रतिनिधि चुने जाते थे. चाहे आप कुछ भी करें. चुनाव आयोग ने जो परिसीमन (Delimitation Commission of India) किया है. आपके अपने प्रतिनिधि चुनाव जीतेंगे और शासन करेंगे.”

केंद्र शासित प्रदेश (जम्मू-कश्मीर) में सरकार का चुनाव करने के लिए विधानसभा चुनाव 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 और 35A के हटने के बाद से पहली बार होने वाले हैं. केंद्र ने क्षेत्र की विशेष स्थिति को निरस्त करते हुए कहा था कि राज्य का दर्जा जम्मू को दिया जाएगा.

बारामूला की जनसभा में अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि जिन लोगों ने कश्मीर (Kashmir) पर 70 साल तक राज किया वे मुझे पाकिस्तान (Pakistan) से बातचीत करने की सलाह देते हैं. जबकि हमारा साफ मानना है कि पाकिस्तान से बात नहीं करना चाहिए.

आतंकवाद का होगा सफाया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करेगी और इसे देश का सबसे शांतिपूर्ण स्थान बनाएगी. एक रैली को संबोधित करते हुए, गृह मंत्री अमित शाह ने जनता से पूछा कि क्या आतंकवाद से कभी किसी को फायदा हुआ है. क्योंकि इसने 1990 के दशक से जम्मू-कश्मीर में 42,000 लोगों की जान ले ली है.

उन्होंने जम्मू और कश्मीर के कथित अविकसित विकास के लिए अब्दुल्ला (नेशनल कॉन्फ्रेंस), मुफ्ती (पीडीपी) और नेहरू-गांधी (कांग्रेस) के परिवारों को भी दोषी ठहराया. गृह मंत्री अमित शाह का कहना है की कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने जम्मू-कश्मीर में 1947 में आजादी के बाद से ज्यादातर समय तत्कालीन राज्य पर शासन किया था.

जम्मू-कश्मीर होगा देश का सबसे शांतिपूर्ण स्थान

गृह मंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा की, “कुछ लोग कहते हैं कि हमें पाकिस्तान से बात करनी चाहिए. हमें पाकिस्तान से बात क्यों करनी चाहिए? हम बात नहीं करेंगे. हम बारामूला के लोगों से बात करेंगे. हम कश्मीर के लोगों से बात करेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करती है और इसका सफाया करना चाहती है. फिर उन्होंने कहा, “हम जम्मू-कश्मीर को देश का सबसे शांतिपूर्ण स्थान बनाना चाहते हैं.”

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुछ लोग अक्सर पाकिस्तान के बारे में बात करते हैं, लेकिन वह जानना चाहते हैं कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) के कितने गांवों में बिजली कनेक्शन हैं. उन्होंने कहा, “हमने पिछले तीन वर्षों में सुनिश्चित किया है कि कश्मीर के सभी गांवों में बिजली कनेक्शन हो. लगातार दूसरे दिन तीन राजनीतिक परिवारों पर जमकर बरसते हुए गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके (विपक्ष) नियम कुशासन, भ्रष्टाचार और विकास की कमी से भरे हुए हैं.

Leave a Reply