September 29, 2022
Delhi Government: विवादों के बीच दिल्ली सरकार ने पुरानी शराब नीति पर लौटने का किया फैसला

Delhi Government: विवादों के बीच दिल्ली सरकार ने पुरानी शराब नीति पर लौटने का किया फैसला

Spread the love

Delhi Government: दिल्ली सरकार ने अब शराब नीती अब एक बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार ने पुरानी शराब नीति पर लौटने का ये फैसला लिया है. दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा चल रही जांच के बीच, दिल्ली सरकार ने छह महीने की अवधि के लिए खुदरा शराब की बिक्री बहाल करने का फैसला किया है.

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहीं ये बातें

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने पुरानी शराब नीति पर लौटने का ये फैसला लिया है. बता दें की, आबकारी नीति 2021-22, जिसे 31 मार्च के बाद दो-दो महीने के लिए दो बार बढ़ाया गया था. जो 31 जुलाई को समाप्त हो जाएगी.

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया बोले ने कहा कि पुरानी आबकारी नीति सोमवार से वापस होगी. कुछ समय से केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार (Delhi Government) के बीच तनातनी मची हुई है. जिसके बीच दिल्ली सरकार का ये फैसला सामने आया है.

बता दें की, केंद्र सरकार की कार्रवाई के बाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए गुस्से में प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि आप नेता जेल से नहीं डरते हैं.

उपराज्यपाल ने सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश की थी

बता दें की, जब उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 की सीबीआई जांच की सिफारिश की, तो उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आबकारी विभाग के प्रभारी, जवाबदेह, सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के बीच संबंधों को जिम्मेदार ठहराया. पिछले हफ्ते दिल्ली और भी तनावपूर्ण हो गई थी.

उपराज्यपाल की कार्रवाई इस विषय पर एक रिपोर्ट के जवाब में है जो दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार द्वारा प्रदान की गई थी. अधिकारियों के अनुसार, 8 जुलाई को सौंपी गई रिपोर्ट में सिसोदिया पर शराब की दुकान के लाइसेंस धारकों को किकबैक और कमीशन के बदले में अनधिकृत भत्ते देने और पंजाब में हाल के चुनावों में उपयोग किए गए धन का आरोप लगाया गया है.

दिल्ली कांग्रेस ने 25 जुलाई को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास के सामने एक प्रदर्शन आयोजित किया था.  जिसमें शहर की आबकारी नीति में कथित नियमों के उल्लंघन और प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण उनके इस्तीफे की मांग की गई थी. पटपड़गंज में कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि इकट्ठे हुए और बैनर लहराते हुए सिसोदिया और मुख्यमंत्री विरोधी अरविंद केजरीवाल के नारे लगे.

यह थी दिल्ली सरकार की नई शराब नीती

दिल्ली सरकार की नई शराब नीती को लेकर बहुत बवाल मचा हुआ था. बता दें की, इस शराब नीती के जरिये सरकार सरकार शराब खरीदने का अनुभव बदलना चाहती थी. नई शराब नीति में दिल्ली को 32 जोन में बांटकर लाइसेंस जारी किए गए थे.

इसके ज़रिए खासकर बड़े कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे. और छोटे कारोबारियों को इससे खास नुकसान होगा. ऐसा बताया जा रहा है की, नई शराब नीति में होटलों के बार, क्लब और रेस्टॉरेंट वगैरह को रात तीन बजे तक खुला रखने की छूट दी गई थी.

लेकिन फिलहाल के लिए सरकार ने इस नई शराब को हटाने का फैसला किया है. अब ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है की केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच मामला शांत हो जाएगा.

1 thought on “Delhi Government: विवादों के बीच दिल्ली सरकार ने पुरानी शराब नीति पर लौटने का किया फैसला

Leave a Reply

Your email address will not be published.