America के अधिकारी ने कहा की, 'भारत को समय के साथ रूस पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए'

America: अमेरिका ने मंगलवार ने कहा कि भारत को रूस पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए. चीन के बाद भारत के रूस के सबसे बड़े तेल ग्राहक बनने पर अमेरिका परेशान है. अमेरिका (America) ने पहले भी भारत को रूस का ग्राहक बनने पर आगाह किया था.

अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहीं ये बातें

बिज़नस इनसाइडर से मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी (America) विदेश विभाग के प्रवक्ता, नेड प्राइस ने कहा है की,

“रूस ऊर्जा और सुरक्षा सहायता का एक विश्वसनीय स्रोत नहीं है. रूस ने यूक्रेन के हित में भी कभी नहीं काम किया. इसलिए भारत को समय के साथ रूस पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए. यह भारत के अपने द्विपक्षीय हित में भी है. क्योंकि हमने रूस को बहुत करीब से देखा है.”

आगे उन्होंने कहा की, “हम जानबूझकर तेल और गैस-ऊर्जा क्षेत्र में रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों में छूट नहीं दे रहे हैं. भारत रूस पर तेल और उर्जा के लिए काफी हद तक निर्भर हो गया है. भारत को भी रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का समर्थन करना चाहिए.”

America के अधिकारी ने कहा की, 'भारत को समय के साथ रूस पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए'
America के अधिकारी ने कहा की, ‘भारत को समय के साथ रूस पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए’

अमेरिका करेगा भारत की हर संभव मदद

अमेरिकी (America) विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा है की रूस ने यूक्रेन के साथ जो किया है वो सही नहीं है. इस बीच, अमेरिकी (America) प्रवक्ता प्राइस ने यह भी दोहराया कि अमेरिका (America) भारत को हर संभव मदद देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.” अमेरिका ने लगातार यह बात कही है कि यह एक ऐसा रिश्ता है, जो दशकों के दौरान विकसित और मजबूत हुआ है.

उन्होंने कहा की रूस और भारत से ज्यादा अमेरिका (America) और भारत के रिश्ते पुराने हैं. आगे उन्होंने कहा की, “वास्तव में जब कोल्ड वॉर के दौरान ऐसा समय आया था जब संयुक्त राज्य अमेरिका भारत का आर्थिक भागीदार, सुरक्षा भागीदार, सैन्य भागीदार था.” प्राइस ने कहा कि पिछले 25 सालों में अमेरिका और भारत के रिश्ते बदले हैं. प्राइस ने कहा कि “अमेरिका ने आर्थिक, सुरक्षा और सैन्य सहयोग समेत हर क्षेत्र में भारत के साथ अपनी साझेदारी को गहरा करने की कोशिश की है.”

भारत अमेरिका के संबंध हैं सबसे अलग

भारत के साथ अमेरिका के संबंधों में परिवर्तन के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा दोनों देशों के बीच संबध रातों-रात नहीं अच्छे हुए हैं.” आगे उन्होंने कहा की, “भारत एक बड़ा देश है. एक विशाल देश है. भारत की अपनी एक बड़ी अर्थव्यवस्था है. भारत को किसी पर निर्भर होने की ज़रूरत नहीं है.”

जानकारी के मुताबिक, बता दें की, यूक्रेन संकट को लेकर भारत ने पश्चिमी देशों की बार-बार अपील के बावजूद रूसी हमले की निंदा नहीं की है. भारत के इस रुख के पीछे एक बड़ी वजह सैन्य हथियारों को लेकर रूस पर निर्भरता भी है. और अब ऊर्जा और तेल को लेकर भी भारत कहीं हद तक रूस पर निर्भर हो रहा है.

बता दें की, हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस को लेकर कहा था की भारत और रूस के बीच संबंध स्थिर हैं. अब दोनो देशों का लक्ष्य अपने रिश्तों को मजबूत करना है और साथ में हमारा उद्देश्य व्यापार बढ़ाना है.

 

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