September 25, 2022
Amarnath Yatra: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की

Amarnath Yatra: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की

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जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने सोमवार को जम्मू (Jammu) में अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) की सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों की समीक्षा की. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की.

मीडिया से सिन्हा ने कहीं बड़ी बातें

मीडिया से बातचीत के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने कहा की, “बाबा अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) जल्द ही शुरू होगी और सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं.

जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) की अर्थव्यवस्था (Economy) को गति देने के लिए यह यात्रा महत्वपूर्ण रही है. इस यात्रा पर लाखों लोग निर्भर हैं और यहां के सभी लोग यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं.”

मिली जानकारी के मुताबिक, इससे पहले गुरुवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने श्रीनगर (Srinagar) में यूनिफाइड कमांड मीटिंग में अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) के सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की थी.

बैठक में मुख्य सचिव और गृह विभाग, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, खुफिया एजेंसियों, सीआरपीएफ, बीएसएफ और अन्य के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया था.

उपराज्यपाल द्वारा दूरसंचार कनेक्टिविटी की भी समीक्षा की गई

उपराज्यपाल द्वारा दूरसंचार कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य देखभाल, अग्नि सुरक्षा, बिजली और पानी की आपूर्ति, मौसम पूर्वानुमान, लंगर प्रबंधन, स्वच्छता, आवास और आपदा प्रबंधन की विस्तृत योजनाओं की समीक्षा की गई.

उपराज्यपाल ने सभी यात्रियों और सेवा प्रदान करने वालों के लिए सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी बुनियादी जरूरतों के लिए विस्तृत योजनाओं की भी समीक्षा की गई.

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष तीर्थयात्री यात्रा के लिए सीधे श्रीनगर (Srinagar) से हेलीकॉप्टर सेवा का भी लाभ उठा सकते हैं.

दक्षिण कश्मीर (South Kashmir) के ऊपरी इलाकों में स्थित गुफा मंदिर की तीर्थ यात्रा में लगभग तीन लाख तीर्थयात्रियों के भाग लेने की संभावना है. जबकि ऑनलाइन पंजीकरण पहले ही शुरू हो चुका है. तीर्थयात्रा 30 जून से 11 अगस्त के बीच 43 दिनों तक चलने वाली है.

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