September 25, 2022
Amarnath Cloudburst: अमरनाथ में बादल फटने से 16 की मौत, 40 लोग अभी भी लापता

Amarnath Cloudburst: अमरनाथ में बादल फटने से 16 की मौत, 40 लोग अभी भी लापता

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Amarnath Cloudburst: अमरनाथ मंदिर के पास शुक्रवार शाम को बादल फटने (Amarnath Cloudburst) से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है. इसी के चलते बचाव अभियान को तेज़ कर दिया गया है. अधिकारिक जानकरी के मुताबिक 30 से 40 लोग अभी भी ला पता हैं. और 16 लोगों की मौत हो चुगी है. ITBP ने कहा है की, उन्होंने पवित्र गुफा के पास फंसे अधिकांश तीर्थयात्रियों को पंजतरणी में ही रोक दिया है.

राहत बचाव के कार्य में जूटा ITBP

अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुगी थी. इस बार कोई भी आतंकी घटना नहीं हुई थी. सभी श्रद्धालू सुरक्षित थे. लेकिन तभी बादल फटने की घटने ने सभी के दिल दहला दिए. बता दें की, फंसे श्रद्धालू ने बताया की, जब बादल फटने (Amarnath Cloudburst) की घटना हुई तो माहौल बहुत ही ज्यादा भयावह था. ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में 25 टेंट और तीन सामुदायिक रसोईघर नष्ट हो गए हैं.

घटना के बाद अमरनाथ तीर्थयात्रा (Amarnath Yatra) को स्थगित कर दिया गया है.

“6 की मौत की पुष्टि, लगभग 40 अभी भी लापता हैं. आपदा आने पर 5 लोगों को जीवित बचा लिया गया. कोई भूस्खलन नहीं लेकिन बारिश जारी है. हालांकि बचाव कार्य में कोई दिक्कत नहीं है. बचाव कार्य में 100 से अधिक बचावकर्मियों के साथ एनडीआरएफ की 4 टीमें. इसके अलावा, भारतीय सेना, एसडीआरएफ, सीआरपीएफ और अन्य बचाव कार्य जारी रखे हुए हैं.”

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग को फिर से शुरू कर दिया गया है. और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि गांवों और ऊपरी क्षेत्रों के बीच संपर्क सड़कों को बहाल किया जाए. स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन और जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) पुलिस मौके पर पहुंच रही है. इस साल की शुरुआत में सितंबर के महीने में भूस्खलन हुआ था लेकिन इस बार जुलाई में हुआ है.

बेस अस्पताल में चल रहा यात्रियों का इलाज

मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे में घायल हुए 45 लोगों का बेस अस्पतालों में इलाज चल रहा है. मरीजों की देखभाल के लिए 28 डॉक्टर, 98 पैरामेडिकल स्टाफ और 16 एंबुलेंस को ड्यूटी पर लगाया गया है. इसके साथ ही NDRF की टीमें भी बचाव अभियान में लगी हुई हैं. NDRF की टीम ला पता लोगों को भी तलाश रही है.

ANI ने जानकारी दी है की, बीएसएफ (BSF) एमआई-17 (MI-17) की पहली उड़ान नीलगढ़/बालटाल से बादल फटने से मारे गए तीर्थयात्रियों के पार्थिव शरीर को लेकर श्रीनगर (Srinagar) पहुंच गई है. सीएम पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) का भी बयान आया है. उन्होंने आज कहा है कि “अमरनाथ के बादल फटने से प्रभावित इलाकों में उत्तराखंड के लोग भी फंसे हुए हैं. ”

इसके अलावा उन्होंने कहा की, “हम उन्हें (फंसे यात्री) बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. मैं केंद्रीय गृह मंत्री और उनके उपराज्यपाल (मनोज सिन्हा) से भी अनुरोध करूंगा कि उन्हें बचाने के लिए हर संभव व्यवस्था की जाए.”अमरनाथ (Amarnath Cloudburst) में बादल फटने की वजह से यात्रियों में दहशत का माहौल है. अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, लोगों को जहाँ हैं वहाँ ही रहने के आदेश दिए गए हैं.

अधिकारिक ट्वीट…

 

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