Article 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर चला विकास की नई राह पर

जम्मू-कश्‍मीर से Article 370 आज के ही दिन हटाया गया था. लोगों के नए प्रयासों के साथ जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद शांति और विकास के एक नए युग की स्थापना की ओर बढ़ रहा है.

जम्मू-कश्मीर में हो रहा विकास

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, Article 370  हटने के बाद से जम्मू कश्मीर विकास के रास्ते पर चल पड़ा है. Article 370  हटने के तीन साल बाद घाटी में बहुत कुछ बदला है. अधिकारिक रिपोर्ट्स की माने तो, आंतकी घटनाओं में कमी तो आई ही है. आम लोगों की मौत की संख्‍या में भी ग‍िरावट आई है.

इसके अलावा अगर बात सड़कों की करें तो, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत हासिल की गई सड़क की लंबाई के मामले में जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय स्तर पर चौथे नंबर पर है. ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक संरचना में सुधार के लिए सुरक्षा, कनेक्टिविटी और गतिशीलता को बढ़ाया गया है.

2021-22 में बिजली पारेषण प्रणाली में बड़े पैमाने पर 5,000 करोड़ रुपये की राशि ने बिजली वितरण में प्रभावशाली परिणामों को मजबूत किया है. बिजली उत्पादन क्षमता तीन साल में दोगुनी और सात साल में तिगुनी हो गई है.

कुशासन से सुशासन की ओर बढ़ रही घाटी

जम्मू-कश्मीर के पहले के हालात किसी से छुपे नहीं थे. लेकिन अब घाटी में शांति और कानून दोनों ही नज़र आने लगें हैं. जम्मू और कश्मीर एक व्यापक जिला सुशासन सूचकांक (DGGI) तैयार करने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया.

जम्मू और कश्मीर मॉडल अब अन्य 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने डीजीजीआई को विकसित करने में मदद करने के लिए प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा अपनाया जा रहा है.

इसके साथ ही बता दें की जम्मू-कश्मीर में (जनता की योजना जनता की भागीदारी) नागरिकों की मंशा से सशक्तिकरण के माध्यम से निरीक्षण की स्थापना की गई. सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली में अधिक पारदर्शिता लाने वाले पोर्टल की स्थापना हुई.

जम्मू और कश्मीर में औद्योगिक विकास के लिए नई केंद्रीय क्षेत्र की योजना के साथ, औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30, औद्योगिक नीति 2021-30 और पहली बार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नीति 2020 नया के तहत एक नया पसंदीदा वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है.

नए मंत्र के साथ शिक्षा व्यवस्था में हुआ सुधार

नीतिगत सुधारों द्वारा संचालित अकादमिक उत्कृष्टता के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नया जम्मू और कश्मीर में नया मंत्र है. बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षित मानव संसाधनों के बड़े पैमाने पर जोड़ के माध्यम से शिक्षा प्रणाली का पुनर्निर्माण हुआ है.

केंद्र शासित प्रदेश ने नया जम्मू और कश्मीर में कृषि भूमि की एक नई ऊंचाई हासिल की है. केंद्र शासित प्रदेश कृषि परिवारों की मासिक आय में तीसरे स्थान पर और कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में पांचवां सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य / केंद्र शासित प्रदेश है.

छूटे हुए वर्गों को लाभ देने के लिए आरक्षण नियमों में संशोधन किया गया. पश्चिमी पाक शरणार्थियों, वाल्मीकि, गोरखाओं, सफाई कर्मचारियों, आदिवासियों और कश्मीरी प्रवासियों सहित स्थानीय युवाओं की भर्ती के लिए मूल पात्रता के रूप में अधिवास प्रमाण पत्र दिया गया.

नया जम्मू और कश्मीर के तहत यूटी में अभूतपूर्व और पारदर्शी भर्ती की गई है. 100 प्रतिशत भर्ती योग्यता के आधार पर स्थापित की गई थी और वंचित वर्गों को विशेष ध्यान दिया गया था.

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