September 25, 2022
Africa: अमेरिका ने अफ्रीका के लिए की मानवीय सहायता, USD 592 मिलियन की घोषणा की

Africa: अमेरिका ने अफ्रीका के लिए की मानवीय सहायता, USD 592 मिलियन की घोषणा की

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अमेरिका ने अफ्रीका (Africa) को मानवीय सहायता देने की लिए घोषणा की है. बता दें की, यूएसएआईडी (US Agency for International Development) और यूएस स्टेट डिपार्टमेंट 592 मिलियन डॉलर की फंडिंग अफ्रीका (Africa) में करेंगे. बता दें की, रिफ्यूजीज एंड माइग्रेशन असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जूलियट वॉल्सी (Julieta Wallsey)  ने इस बात की जानकारी दी है.

तत्काल ज़रूरतों की वजह से हुई घोषणा

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, वैश्विक खाद्य संकट और क्षेत्रीय संघर्ष से प्रभावित युगांडा की आबादी ( Ugandan population) की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए धन की घोषणा की गई थी. बता दें की, इसमें युगांडा में मानवीय सहायता के लिए 82 मिलियन अमरीकी डालर से अधिक, विदेश विभाग से मानवीय सहायता में 61 मिलियन अमरीकी डालर और यूएसएड से 21 मिलियन अमरीकी डालर शामिल हैं.

बता दें की, युगांडा (Uganda) 1.5 मिलियन से अधिक शरणार्थियों के साथ महाद्वीप का सबसे बड़ा शरणार्थी केंद्र रहा है. संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (UN World Food Program) के माध्यम से यूएसएड फंडिंग शरणार्थियों तक खाद्य पदार्थों की मासिक किट जैसे बीन्स, मकई के दाने और वनस्पति तेल (vegetable oil) के रूप में पहुँचाया जाएगा. यह युगांडा के करामोजा उप-क्षेत्र में उन समुदायों के लिए भी एक बड़ी राहत है जो गंभीर सूखे से मुसीबतों से गुज़र रहें हैं.

शरणार्थी और शरण चाहने वाले लोगों के लिए एक नई मुसीबत

ऐसा माना जा रहा है की, शरणार्थी और शरण चाहने वाले विशेष समुदाय की लिए एक नई मुसीबत तैयार हो गई है. खाने पीने के सामान मिलने में दिक्कत आ रही है. विशेष रूप से रूसी और यूक्रेनी आयात पर निर्भरता वाले देशों में खाद्यपदार्थो की कीमतों में उछाल तेज़ी से आ रहा है. युगांडा सहित अफ्रीका में मानवीय संकट, जहां बढ़ती संख्या कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और दक्षिण सूडान में बढ़ता जा रहा है. अब वो वर्ष की शुरुआत में 71,000 से अधिक तक पहुंच गया है.

संयुक्त राष्ट्र की ख़बर के मुताबिक, अफ्रीका में आज भी कई देश ऐसे हैं जो मिट्टी कहा कर जी रहे हैं. अफ्रीका के इन देशों में आज भी हद से ज्यादा गरीबी है. लाइबेरिया अफ्रीका के उन देशों में से एक है जहाँ पर हद से ज्यादा गरीबी है. यहाँ पर गृह युद्ध 2003 में खत्म हुआ था लेकिन उस युद्ध से लोग आज भी नहीं उभर पाए हैं. अमेरिका जैसे देश इनकी सहयता करते हैं लेकिन उसके बावजूद भी ये देश गरीबी से नहीं उभर पा रहे हैं.

अधिक समस्याओं से आज भी जूझ रहा अफ्रीका

अफ्रीका आज भी कई मुसीबतों से जूझ रहा है. BBC में छपे एक आर्टिकल के मुताबिक, उत्तरी अफ्रीका के बड़े क्षेत्रों जैसे लीबिया व मिस्र की स्थिति में भी बहुत गिरावट आई है. इनकी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध (War) व आंतरिक हिंसा ने अफ्रीका (Africa) में सर्वाधिक क्षति की है. लीबिया कभी अपनी तेल संपदा के कारण बहुत समृद्ध था. जिसका लाभ पड़ोस के चाड व माली जैसे निर्धन देशों को भी मिल जाता था.

लेकिन अब लीबिया में गृहयुद्ध के चलते आज पास के देशों में लोग भुखमरी का सामना कर रहें हैं. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार यहाँ गरीबी तेज़ी बढ़ रही है. हालाँकि, इनकी मदद की जा रही है फिर भी ज्यादा कुछ सुधार नहीं आ पाया है.

 

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