Afghan शरणार्थियों को अमेरिका में अभी भी जीवन जीने में हो रही कठिनाइयाँ

Afghan: ज़ैनब, अफ़ग़ानिस्तान की एक किशोरी, जो अपने परिवार के साथ कैलिफ़ोर्निया मोटल के एक तंग कमरे में लगभग एक साल से रह रही है. जैनब ने अपने स्थिति बयान की है. जैनब की कलाई पर आज भी टूटे शीशे के निशान हैं.

जैनब ने बताई अपने स्थिति

Aljazeera से मिली जानकारी के मुताबिक, जैनब और उसकी बहन, ज़हरा, जल्दी से अंग्रेजी सीखने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे अमेरिका में काम ढूंढ सकें और अपने परिवार को सैन जोस में किराए की आसमान छूती लागत को कवर करने में मदद कर सकें.

ज़हरा ने बताया की, “मेरे पास अपने परिवार की मदद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.” अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ज़हरा का 21 वर्षीय भाई, जिसे तालिबान ने काबुल हवाई अड्डे में प्रवेश करने की कोशिश में पीटा गया था. अफगानिस्तान (Afghan) में फंसा हुआ है.

जैनब की माँ अमीना का कहना है की, “मैं एक साल से रो रही हूँ मेरे बेटे का क्या होगा? क्या तालिबान उसे मार डालेगा? मुझे बस अपना बेटा वापस चाहिए.” जबसे तालिबान ने अफगानिस्तान (Afghan) पर कब्ज़ा किया है. तबसे अफगानिस्तान की हालत खराब होती नज़र आ रही है.

पिछले अगस्त में राष्ट्रपति जो बिडेन के अफगानिस्तान से सैन्य बलों को वापस लेने के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका में बसे हुए अफगान परिवारों के लिए, एक नए देश में जीवन को समायोजित करना आसान नहीं रहा है.

इतने लोगों को अमेरिका में किया गया है स्वीकार

बता दें की, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवाओं के अनुसार, जुलाई 2021 से मानवीय पैरोल के लिए आवेदन करने वाले लगभग 50,000 अफगानों में से 369 को स्वीकार कर लिया गया है. और लगभग 8,000 को खारिज कर दिया गया है, बाकी को अभी भी 28 जुलाई तक प्रतिक्रिया का इंतजार है.

कई साल पहले अमेरिका में बसे एक अफगान वालिद अजीज को हाल ही में खबर मिली कि उनके पिता के आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया था. अजीज ने अल जज़ीरा को बताया है की, “मुझे बहुत अधिक चिंता है. मेरा परिवार खतरे में है. मैंने अमेरिकी सरकार की सेवा की. मुझे नहीं पता कि मेरे पिता यहाँ क्यों नहीं हैं.”

व्यावहारिक चिंताएँ, जैसे परिवहन और संचार, रोज़मर्रा के कार्यों को जटिल और निराशाजनक बना सकते हैं. विशेष रूप से वे जिनमें अमेरिकी नौकरशाही को नेविगेट करना शामिल है. जैसे कि स्वास्थ्य सेवा के लिए साइन अप करना. कैलिफ़ोर्निया के खाड़ी क्षेत्र में, जहां जीवन की खगोलीय लागतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भुगतान करने वाली नौकरियां मुश्किल से आती हैं .कई लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता के बारे में चिंता करते हैं.

अफ़ग़ानिस्तान छोड़ना केवल आधी लड़ाई थी

बता दें की, वहां के निवासी का कहना है की, “बहुत सारे परिवार अभी भी अस्थायी आवास में हैं. क्योंकि किराया इतना महंगा है.” आगे उसने हा की, इन परिवारों के लिए यह एक के बाद एक संकट है. अफ़ग़ानिस्तान छोड़ना केवल आधी लड़ाई थी.

अफगानिस्तान से आए लोगों अपना जीवन यापन करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. तालिबान के कब्ज़े के बाद से अफगानिस्तानियों को अपना मुल्क छोड़कर भागना पड़ा था. जिसके बाद से अब इनको अमेरिका में सेटल होने काफ़ी दिक्कतें होतीं हैं.

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