September 26, 2022
Afganistan कर रहा भयंकर बाढ़ और भूस्खलन का सामना

Afganistan कर रहा भयंकर बाढ़ और भूस्खलन का सामना

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Afganistan: अफगानिस्तान के पूर्वी, मध्य, दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों के कई प्रांतों में भारी बारिश हुई है. जिसके परिणामस्वरूप अचानक बाढ़ और भूस्खलन हुआ है. जिसमें 180 से अधिक लोग मारे गए हैं.कम से कम 8,000 अन्य विस्थापित हुए हैं और कम से कम 3,000 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं.

ये प्रांत हुए हैं सबसे ज्यादा प्रभावित

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के अनुसार, कुनार, लगमन, लोगर, वर्दक, नंगरहार, नूरिस्तान, पक्तिया और परवन प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.

यूएन ओसीएचए अपने नवीनतम अपडेट में कहा कि अकेले इस महीने में, अचानक बाढ़ के कारण कम से कम 118 लोग मारे गए हैं. अफगानिस्तान (Afganistan) के कई प्रांतों ने हाल के हफ्तों में भारी बारिश और बाढ़ का सामना किया है. लोगर प्रांत में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए.

अफगानिस्तान (Afganistan) इस साल प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है. जिसमें सूखा और विनाशकारी भूकंप भी शामिल है. जिसमें जून में 1,000 से अधिक लोग मारे गए थे. तालिबान के एक साल पहले सत्ता संभालने के बाद से देश बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से कट गया है.

आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री ने बताया नुकसान के बारे में

तालिबान सरकार के आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री मुल्ला शराफुद्दीन मुस्लिम ने संवाददाताओं से कहा कि बाढ़ से जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है. 27 अगस्त को एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए, ऊर्जा और पानी के कार्यवाहक मंत्री, मुल्ला अब्दुल लतीफ मंसूर ने कहा कि “देश भर में हालिया बाढ़ में 750 कुंड, 329 छोटे बांध और 441 प्रमुख जल चैनल क्षतिग्रस्त हो गए.”

कृषि, सिंचाई और पशुधन के कार्यवाहक मंत्री, मुल्ला अताउल्लाह ओमारी ने कहा कि लगभग 600,000 एकड़ (24,281 हेक्टेयर) भूमि में पानी भर गया है. और इसको इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. तालिबान अधिकारियों ने कहा कि देश वर्तमान में मानवीय संकट का सामना कर रहा है और अधिक अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है.

लोगर प्रांत के खोशी जिले के निवासी फिरोज खान ने मीडिया को बताया कि चार दिन पहले जब बाढ़ आई तो वह अपने परिवार के साथ घर पर था. उन्होंने कहा की,

“हम दोपहर का भोजन कर ही रहे थे कि बाढ़ आ गई. हम असहाय थे और नहीं जानते थे कि क्या करें. मेरे घर की दीवारें ढह गईं और मेरे घर में पानी भर गया. और हमारी चीजें छीन लीं. ”

पशुओं को भी पहुँचा है नुकसान

उन्होंने आगे कहा की, “हम सब कुछ भूल गए और बस भागने और अपनी जान बचाने की कोशिश की.” उन्होंने बताया की, बाढ़ ने पशुओं को भी बहा दिया.  फिरोज खान ने कहा की, एक दिन बाद वे अपने रिश्तेदारों के घर पर शरण लेने में सफल रहे. “हमारा मिट्टी का घर रहने योग्य नहीं है. और हम नहीं जानते कि हम कब वापस जाने का प्रबंधन करेंगे.”

इस बीच सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के मानवीय प्रमुख ने दानदाताओं से अफगानिस्तान में विकास के लिए धन को बहाल करने का आग्रह किया. जब तालिबान ने पिछले अगस्त में चेतावनी दी थी कि छह मिलियन लोगों को अकाल का खतरा था.

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